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फर्जी डिग्री: आप MLA तोमर के वकालत करने के खिलाफ अर्जी पर कोर्ट ने सुनवाई की बंद

दिल्ली पुलिस और अन्य संबंधित अधिकारियों की ओर से की गई कार्रवाई के मद्देनजर इस रिट याचिका को लंबित रखने का कोई मतलब नहीं है।
Author नई दिल्ली | July 28, 2016 21:31 pm
जितेंद्र सिंह तोमर के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धाराओं 467 (जालसाजी), 468 (धोखाधड़ी के मकसद से जालसाजी) और 120 (बी) (आपराधिक षड़यंत्र) के तहत भी आरोप लगाए गए हैं।

दिल्ली उच्च न्यायालय ने गुरूवार को उस अर्जी पर सुनवाई बंद कर दी जिसमें स्नातक की ‘‘गलत और फर्जी’’ डिग्री के आधार पर वकील के तौर पर पंजीकरण कराने को लेकर दिल्ली के पूर्व कानून मंत्री जितेंद्र सिंह तोमर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है।

न्यायमूर्ति इंदरमीत कौर ने इस आधार पर अर्जी का निपटारा कर दिया कि दिल्ली पुलिस पहले ही मामले की जांच कर रही है और वकीलों के संगठन की अनुशासनिक समिति उनकी डिग्री के मुद्दे की छानबीन कर रही है। अदालत ने कहा, ‘‘दिल्ली पुलिस और अन्य संबंधित अधिकारियों की ओर से की गई कार्रवाई के मद्देनजर इस रिट याचिका को लंबित रखने का कोई मतलब नहीं है।’’

हाल ही में बार काउंसिल आॅफ इंडिया ने उच्चतम न्यायालय के निर्देश पर वकीलों की डिग्रियों की जांच के आदेश दिए थे । तोमर की डिग्री फर्जी पाए जाने के बाद यह कदम काफी अहम माना जा रहा है। अदालत ने तोमर की डिग्री से जुड़ी छानबीन का काम बार काउंसिल आॅफ इंडिया को भेजने की मांग करने वाली पूर्व कानून मंत्री की अर्जी मंजूर कर ली। अदालत ने यह अर्जी तब मंजूर की जब उसे बताया गया कि बार काउंसिल आॅफ दिल्ली का कार्यकाल खत्म हो चुका है जिसके कारण वकीलों के संगठन की ओर से जिस जांच के आदेश दिए गए थे, उसमें देरी हो रही है ।

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