ताज़ा खबर
 

जम्मू और कश्मीर: पंपोर में दोनों आतंकी ढेर, कुपवाड़ा में भी घुसपैठ नाकाम

सुरक्षा बलों ने 56 घंटे तक चले अभियान के बाद दोनों आतंकियों को मार गिराया।
Author श्रीनगर | October 13, 2016 00:58 am
इस तस्वीर का इस्तेमाल खबर की प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है। (Photo: Reuters)

श्रीनगर-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित पंपोर की एक सरकारी इमारत में छिपे आतंकियों और सुरक्षा बलों के बीच मुठभेड़ बुधवार दोपहर बाद समाप्त हो गई। सुरक्षा बलों ने 56 घंटे तक चले अभियान के बाद दोनों आतंकियों को मार गिराया। सेना ने कुपवाड़ा जिले में सीमापार से आतंकवादियों के घुसपैठ का प्रयास भी नाकाम किया। उधर श्रीनगर शहर के पांच थाना क्षेत्रों में मुहर्रम की दसवीं तारीख के मद्देनजर कर्फ्यू लगाया गया।  सेना के अधिकारी ने मुठभेड़ के बारे में कहा कि उद्यमिता विकास संस्थान (ईडीआइ) परिसर में दो से तीन आतंकवादियों के छिपे होने की खबर थी। सुरक्षा बलों ने अभियान को समाप्त करने से पहले इमारत के सभी 50 कमरों की तलाशी ली। सुरक्षा बलों ने दो आतंकवादियों के शव बरामद कर लिए हैं। इसमें एक आतंकी बुधवार शाम मारा गया जबकि दूसरा मंगलवार को ही ढेर कर दिया गया था। मारे गए आतंकवादियों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। पहली नजर में लगता है कि ये आतंकवादी लश्कर-ए-तैयबा के हो सकते हैं। सुरक्षा बलों ने ईडीआइ इमारत को सोमवार से घेर रखा था जिसमें उस दिन आतंकवादी छिप गए थे। 56 घंटे से अधिक समय तक चले अभियान में यह बहुमंजिली इमारत खंडहर में तब्दील हो गई है क्योंकि इसकी ज्यादातर दीवारें गिर चुकी हैं। अधिकारी ने कहा कि सेना के एलीट पारा कमांडो को भी आतंकियों को मार गिराने के लिए बुलाया गया था।

अधिकारी ने बताया कि आतंकवादियों ने संभवत: नदी की तरफ से परिसर में प्रवेश किया होगा, लेकिन इसकी अभी तक पुष्टि नहीं हुई है। परिसर में घुसने के बाद आतंकियों ने पुलिस और सुरक्षा बलों का ध्यान आकर्षित करने के लिए छात्रावास के एक कमरे में कुछ गद्दों में आग लगा दी थी। सुरक्षाबल और पुलिसकर्मी इमारत से धुआं निकलते देख कुछ ही मिनट में वहां पहुंच गए। आतंकवादियों का इरादा सुरक्षा बलों को हताहत करना और गतिरोध की स्थिति को लंबे समय तक खींचना था। शुरुआती गोलीबारी में सेना का एक जवान घायल हो गया था। आतंकियों ने इस साल फरवरी में भी ईडीआइ इमारत को निशाना बनाया था। तब अभियान 48 घंटे तक चला था जिसमें सेना के दो युवा अधिकारियों समेत सुरक्षाबल के पांच सदस्य और संस्थान के एक कर्मचारी की मृत्यु हो गई थी। तीन आतंकी भी मारे गए थे।

सेना ने कुपवाड़ा जिले के तंगधार सेक्टर में नियंत्रण रेखा पर आतंकवादियों के घुसपैठ के प्रयास को भी बुधवार को नाकाम कर दिया। उधर श्रीनगर के कुछ हिस्सों में कर्फ्यू भी लगाया गया। मुहर्रम के दसवें दिन के मद्देनजर कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए श्रीनगर के नौहट्टा, खानयार, रैनावारी, सफकदल और महराजगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत इलाकों में कर्फ्यू लगाया गया है। सौरा, लाल बाजार, जडीबल और निगीन के चार थाना क्षेत्र अंतर्गत इलाकों में कर्फ्यू जैसा प्रतिबंध लगाया गया है। मुहर्रम का जुलूस इन इलाकों से गुजरा करता है लेकिन आतंकवाद के उद्भव के बाद 1990 से इस पर प्रतिबंध है। धार्मिक जुलूसों का इस्तेमाल अलगाववादी राजनीति के प्रचार के लिए किया गया है। इस बीच आठ जुलाई को सुरक्षा बलों के साथ एक मुठभेड़ में हिज्बुल मुजाहिदीन कमांडर बुरहान वानी के मारे जाने के बाद से घाटी में लगातार 96वें दिन जनजीवन प्रभावित रहा। सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच संघर्षों में दो पुलिसकर्मी सहित 84 व्यक्तियों की मौत हो चुकी है जबकि हजारों अन्य घायल हो गए हैं।

 

 

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

  1. No Comments.
सबरंग