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कश्मीर: सेना ने किए हिजबुल के चार आतंकी ढेर, दो जवान शहीद

मुठभेड़ में चार स्थानीय आतंकवादियों की मौत के बाद ग्रामीणों ने हिंसक प्रदर्शन शुरू कर दिया।
Author कुलगाम | February 13, 2017 00:37 am
हमले के दौरान अपनी रणनीति तैयार करते हुए सेना के जवान। (Source: PTI)

दक्षिण कश्मीर के एक गांव में लश्कर ए तैयबा और हिज्बुल मुजाहिदीन के एक गुप्त ठिकाने पर रविवार तड़के हुई भीषण मुठभेड़ में चार आतंकवादी मारे गए, जबकि सेना के दो जवान शहीद हो गए। घटना में एक नागरिक की भी मौत हो गई। मुठभेड़ में चार स्थानीय आतंकवादियों की मौत के बाद ग्रामीणों ने हिंसक प्रदर्शन शुरू कर दिया। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए सेना को गोलीबारी करनी पड़ी जिसमें 15 नागरिक घायल हो गए। बाद में इनमें से एक की मौत हो गई। विशेष तकनीकी व  मानवीय खुफिया विभाग से आतंकवादियों की मौजूदगी संबंधी सूचना मिलने के बाद सुरक्षा बलों ने नागबल गांव में उनके ठिकाने को घेर लिया। उसके बाद शुरू हुई भीषण मुठभेड़ में आतंकवादी मारे गए। राज्य पुलिस ने कुलगाम जिले के इस गांव में एक दर्जी के मकान में आतंकवादियों के छुपे होने की सूचना सुरक्षा बलों को दी थी।

पुलिस महानिदेशक एसपी वैद्य ने कहा कि सुरक्षा बलों को ‘महत्त्वपूर्ण सफलता’ मिली है। उन्होंने कहा, ‘हालांकि, यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि दो जवान शहीद हो गए और मकान मालिक का बेटा गोलीबारी में फंस गया और उसकी मौत हो गई।’ मौके पर मौजूद अधिकारियों का कहना है कि जम्मू कश्मीर पुलिस के विशेष अभियान समूह (एसओजी) ने तड़के साढ़े तीन बजे गांव को घेर लिया था। राष्ट्रीय राइफल्स की टीम सुबह चार बजे वहां पहुंची, जिसके बाद उन्होंने आगे बढ़ना शुरू किया।दर्जी के मकान की शुरुआती तलाशी में कोई सफलता नहीं मिली। हालांकि, नए सिरे से तलाशी ली गई। इस बार मकान मालिक के बेटे से कहा गया कि वह सुरक्षा बलों को अपना मकान दिखाए, खासतौर से वे जगहें जो सुरक्षाकर्मियों से छूट गई थीं। टीम ने नकली छत देखी, जोर लगाने पर वह खुल गया और आतंकवादियों ने उन पर बारी गोलीबारी श्ुरू कर दी। इसमें सेना के दो जवान लांसनायक रघुबीर सिंह और लांसनायक भनदौरिया गोपाल सिंह व दर्जी का बेटा मारे गए। करीब तीन घंटे तक चली भीषण मुठभेड़ में चार आतंकवादी मारे गए। इनकी पहचान लश्कर ए तैयबा के मदस्सर अहमद तांत्रे और वकील अहमद ठोकर व हिजबुल मुजाहिदीन के फारुख अहमद भट्ट और मोहम्मद युनूस लोन के रूप में हुई है।

तांत्रे अगस्त 2014 से ही सक्रिय आतंकवादी था जबकि ठोकर पिछले साल सितंबर में लश्कर ए तैयबा में शामिल हुआ था। लोन ने इसी साल जनवरी से हिजबुल मुजाहिदीन के साथ काम करना शुरू किया था जबकि भट्ट जून 2015 से ही संगठन से जुड़ा हुआ था। अधिकारियों ने बताया कि तीन आतंकवादी पास के जंगलों में भाग गए। माना जा रहा है कि वे घायल हैं। संदेह है कि हिजबुल का खूंखार आतंकवादी अल्ताफ कचरू भी इनमें शामिल है। उनकी तलाश की जा रही है। मौके से चार बंदूकें बरामद हुई हैं।मुठभेड़ से कुलगाम जिले में कानून-व्यवस्था संबंधी चुनौतियां खड़ी हो गई हैं। चार स्थानीय आतंकवादियों के मारे जाने की सूचना मिलने के बाद से प्रदर्शनकारी यहां सेना और सुरक्षा बलों पर पथराव कर रहे हैं। गुस्सायी भीड़ पर सेना ने गोलियां चलार्इं जिसमें 15 लोग घायल हुए हैं। इनमें से एक व्यक्ति की अनंतनाग जिला अस्पताल में मौत हो गई। दो अन्य को श्रीनगर अस्पताल भेजा गया है जबकि अन्य 12 को छुट्टी मिल गई है। एक अधिकारी सहित इसमें घायल हुए सेना के तीन जवानों का इलाज श्रीनगर स्थित सेना के 92वें बेस अस्पताल में चल रहा है। उनकी हालत स्थित बताई जा रही है।

 

 

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