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कश्मीर के मंत्री ने अध्यक्ष से किए दो अजीबो गरीब अनुरोध – विपक्ष के विधायक से सलाम करवाओ और लो इस्तीफा

द्राबु ने कहा, ‘‘निर्देश दिया जाना चाहिए कि वह (राणा) जब भी अगला सत्र आयोजित होगा वह मुझे सलाम करेंगे, क्योंकि आज वह सदन में मौजूद नहीं हैं।’’
Author July 7, 2017 20:22 pm
विधानसभा के विशेष अंतिम सत्र में जीएसटी विधेयक को पारित करने के लिए संबोधित करते हुए वित्त मंत्री हसीब द्राबु (Photo: PTI)

जम्मू-कश्मीर के वित्त मंत्री हसीब द्राबु ने शुक्रवार (7 जुलाई) को विधानसभा अध्यक्ष कविन्द्र गुप्ता से दो अजीबो-गरीब अनुरोध किये। उन्होंने विपक्ष के दो विधायकों को अलग-अलग निर्देश देने का अनुरोध किया। एक उन्हें सदन में अध्यक्ष के आसन के पास से सलाम करें और दूसरा विधायक पद से इस्तीफा दें। उन्होंने दावा किया कि नेशनल कान्फ्रेंस विधायक देवेन्द्र राणा ने जीएसटी प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान कहा था कि यदि जम्मू-कश्मीर में वस्तु और सेवा कर लागू करने संबंधी राष्ट्रपति के आदेश की प्रस्तावना में संवैधानिक संरक्षण को शामिल किया गया तो वह उन्हें (द्राबु) को अध्यक्ष के आसन के पास से सलाम करेंगे।

द्राबु ने कहा, ‘‘निर्देश दिया जाना चाहिए कि वह (राणा) जब भी अगला सत्र आयोजित होगा वह मुझे सलाम करेंगे, क्योंकि आज वह सदन में मौजूद नहीं हैं।’’ उनका अनुरोध सुनकर वहां मौजूद मीडियार्किमयों और दशर्कों सहित सभी ठहाके लगाकर हंस पड़े।

कांग्रेस विधायक जी. एम. सरुरी की टिप्पणी, यदि संरक्षण को जीएसटी पर राष्ट्रपति के आदेश में शामिल कर लिया गया तो वह इस्तीफा दे देंगे, का हवाला देते हुए मंत्री ने कहा, उनके लिए निर्देश जारी किया जाना चाहिए कि वह त्यागपत्र दे दें, क्योंकि उनकी शर्त पूरी हो गयी है।

इसी बीच सदन में सभी विपक्षी दलों ने जीएसटी कानून लागू करने को लेकर सदन की कार्यवाही का बहिष्कार किया और पीडीपी-भाजपा सरकार पर आरोप लगाया कि वे धोखा देकर राज्य के संविधान को कमजोर कर रहे हैं। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही माकपा विधायक मोहम्मद युसुफ तारीगामी ने कहा कि सरकार ने राज्य में जीएसटी कानून लागू करने संबंधी राष्ट्रपति के आदेश की सूचना सदन को दिये बगैर जम्मू-कश्मीर जीएसटी विधेयक, 2017 पटल पर रखकर विधानसभा की परंपरा का उल्लंघन किया है।

कांग्रेस विधायक नवांग रिग्जिन जोरा ने सरकार पर आरोप लगाया कि जीएसटी कानून और राष्ट्रपति आदेश के मामले में सरकार जम्मू-कश्मीर के संविधान को कमजोर कर रही है। अपने साथी विधायकों के साथ सदन की शेष कायर्वाही का बहिष्कार करने से पहले जोरा ने आरोप लगाया कि सरकार धोखा देकर जम्मू-कश्मीर को संविधान में मिले विशेष दर्जे को कमजोर कर रही है।

तारीगामी और पीडीएफ के अध्यक्ष हकीम मोहम्मद यासिन ने भी अपना विरोध दर्ज कराने के बाद सदन से बहिर्गमन किया। वित्त मंत्री हसीब द्राबु द्वारा सदन में जीएसटी विधेयक पेश किये जाने से पहले निदर्लीय विधायक शेख अब्दुल राशिद द्वारा बहिर्गमन के कारण पूरा विपक्ष ही विधानसभा से बाहर चला गया। मुख्य विपक्षी दल नेशनल कान्फ्रेंस के सदस्यों ने आज विधानसभा की कार्यवाही में भाग नहीं लिया। पार्टी ने कल ही कहा था कि वह शेष सत्र के दौरान सदन की कार्यवाही का बहिष्कार करेगी।

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