ताज़ा खबर
 

हटाया जाये जम्‍मू-कश्‍मीर को विशेष राज्‍य का दर्जा देने वाले अनुच्‍छेद 370 : शिवसेना

वहीं अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि केंद्र सरकार की विफलता रही कि एक जुलाई को देश में जीएसटी लागू करते समय जम्मू कश्मीर को वह राष्ट्रीय कर प्रणाली में शामिल नहीं कर सकी।
Author August 2, 2017 17:52 pm
शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे (File Photo)

भाजपा की सहयोगी शिवसेना ने बुधवार को कहा कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के पास भारी बहुमत है और ऐसे में उसे जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले संविधान के अनुच्छेद 370 को हटाने का निर्णय लेना चाहिए। शिवसेना के सदस्य आनंद राव अडसुल ने लोकसभा में केंद्रीय जीएसटी (जम्मू-कश्मीर पर विस्तार) विधेयक-2017 पर चर्चा में भाग लेते हुए कहा, ‘‘आज हम जम्मू-कश्मीर में जीएसटी को लेकर चर्चा कर रहे हैं। लेकिन हमें अनुच्छेद 370 के बारे में भी सोचना चाहिए।’’

उन्होंने कहा, ‘‘चुनाव के समय प्रचार में हम अनुच्छेद 370 की बात करते हैं, लेकिन आज तो हमारे पास बहुमत है तो फिर क्या परेशानी है। सरकार को इसे हटाने का कदम उठाना चाहिए।’’ घाटी में पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद का उल्लेख करते हुए शिवसेना सदस्य ने कहा, ‘‘1965 में युद्ध में हमारी सेना लाहौर तक पहुंच गई थी, लेकिन आज भी कश्मीर का एक हिस्सा पाकिस्तान के पास है और वहां आतंकवादी प्रशिक्षण शिविर चलाए जा रहे हैं। पाकिस्तान के नियंत्रण में कश्मीर का हिस्सा है, ऐसा हम कब तक सुनते रहेंगे?’’

उन्होंने यह भी कहा, ‘‘हमारे जवान बहादुर हैं। वो आदेश होने पर पूरी बहादुरी के साथ कार्रवाई करते हैं। कल एक आतंकी सरगना (अबू दुजाना) और उसका साथी मारे गए। यह गर्व का विषय है। सरकार ने र्सिजकल स्ट्राइक की तो भी हम सभी को गर्व हुआ। लेकिन एक र्सिजकल स्ट्राइक से काम नहीं चलेगा। हमें इस तरह के संदेश देते रहना होगा।’’

वहीं अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि केंद्र सरकार की विफलता रही कि एक जुलाई को देश में जीएसटी लागू करते समय जम्मू कश्मीर को वह राष्ट्रीय कर प्रणाली में शामिल नहीं कर सकी। उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर की संवेदनशीलता को देखते हुए वहां जीएसटी लागू करने से पहले पूरी तैयारी कर लेनी चाहिए थी। कांग्रेस के शशि थरूर ने भी जम्मू कश्मीर में वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) लागू होने पर राज्य की वित्तीय स्वायत्तता पर असर पड़ने की आशंका व्यक्त की और कहा कि इस विषय को संवेदनशीलता से देखना होगा। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने कई उत्पादों के दाम जीएसटी के तहत बढ़ाये हैं, इसका देश की जीडीपी पर नकारात्मक असर पड़ेगा।

थरूर ने कहा कि कांग्रेस ने सैद्धांतिक रूप से जीएसटी का न केवल समर्थन किया था बल्कि इस विचार को भी रखा था लेकिन जिस तरह से भाजपा सरकार ने इसे लागू किया है, वह समस्या पैदा करता है। उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर विधानसभा में विपक्ष की गैरमौजूदगी में जीएसटी को पारित किया गया। जम्मू से भाजपा सांसद जुगल किशोर शर्मा ने कहा कि ‘एक राष्ट्र-एक कर’ से पूरे देश को एकजुट करने का भाव पैदा होता है। इससे व्यापारियों को जटिलताओं से मुक्ति मिली है।

उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर की पीडीपी-भाजपा सरकार ने भी जीएसटी को पारित करने में बड़ा सहयोग दिया है। राज्य की जनता भी इस फैसले से खुश है। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों को छोड़कर पूरा जम्मू कश्मीर जीएसटी के फैसले से खुश है और जो मुट्ठीभर लोग खुश नहीं हैं, वो अलगाववादियों, पत्थरबाजारों में से हैं जो नहीं चाहते कि राज्य मुख्यधारा से जुड़े। शर्मा ने कहा कि कुछ लोगों ने राज्य में जीएसटी को रोकने का प्रयास किया लेकिन राज्य की जनता ने पूरा सहयोग दिया।

तृणमूल कांग्रेस के कल्याण बनर्जी ने कहा कि जीएसटी परिषद मनमाने तरीके से चीजों के दाम तय कर रही है जो न तो संसद और विधानसभाओं के प्रति और ना ही न्यायपालिका के प्रति जवाबदेह है। उन्होंने कहा कि इससे दिक्कत पैदा हो रही है।

देखिए वीडियो - जम्मू-कश्मीर की तरह कर्नाटक राज्य को भी चाहिए अलग झंडा

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

  1. No Comments.
सबरंग