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एंटी टेरर फंडिंग ऑपरेशन: एनआईए ने गिलानी से जुड़े वकील के ठिकानों पर मारा छापा

अधिकारियों ने कहा कि गिलानी के करीबियों पर आरोपों के बीच एनआईए ने आज सुबह एक वकील के कार्यालय और आवास पर छापेमारी की।
Author July 31, 2017 13:14 pm
कश्मीरी अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी (File Photo)

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने रविवार को कश्मीर घाटी में आतंकवादियों को धन मुहैया कराने के मामले की जांच के दायरे को बढाते हुए पाकिस्तान स्थित हैंडलरों से अलगाववादियों को धन पहुंचाने के संदेह में कट्टरपंथी अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी से जुड़े एक वकील के कार्यालय और आवास पर छापे मारे। एनआईए के एक प्रवक्ता ने कहा कि जम्मू में गिलानी की अध्यक्षता वाले तहरीक-ए-हुर्रियत में शामिल जम्मू कश्मीर सोशल पीस फोरम के प्रमुख देवेंद्र सिंह बहल के कार्यालय और आवास पर छापे मारे गये।

बहल गिलानी के नेतृत्व वाले अलगाववादी संगठनों के समूह के विधि प्रकोष्ठ के भी सदस्य और गिलानी के करीबी सहयोगी हैं। एनआईए ने कहा कि बहल भी आतंकवादियों के अंतिम संस्कार में नियमित रूप से शामिल होते हैं। प्रवक्ता ने कहा कि एनआईए कूरियर के रूप में उसकी भूमिका की जांच कर रही है क्योंकि संदेह है कि वह पाकिस्तान आधारित हैंडलरों से अलगाववादी नेताओं को धन पहुंचाने में शामिल है।

उन्होंने दावा किया कि छापेमारी के दौरान अपराध से संबंधित दस्तावेज, चार मोबाइल फोन, एक टैबलेट कम्प्यूटर और कुछ अन्य सामान जब्त किया गया और बहल से पूछताछ की जा रही है। एक संबंधित घटनाक्रम में, एनआईए ने गिलानी के दूसरे बेटे नसीम को सम्मन भेजकर बुधवार को एजेंसी के सामने पेश होने को कहा। उनके बड़े बेटे नयीम जिन्हें कल एनआईए मुख्यालय तलब किया गया है, को सीने में दर्द की शिकायत के बाद श्रीनगर के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया।

अधिकारियों ने कहा कि गिलानी के करीबियों पर आरोपों के बीच एनआईए ने आज सुबह एक वकील के कार्यालय और आवास पर छापेमारी की। अधिकारियों ने कहा कि उनकी विदेश यात्राओं पर नजर है और उनसे जल्द ही पूछताछ होगी। आतंकवादियों के वित्त पोषण के मामले के संबंध में जम्मू में यह दूसरी छापेमारी है। इससे पहले एजेंसी ने एक कारोबारी पर छापा मारा था। एनआईए ने गिलानी के बड़े बेटे नयीम को सम्मन भेजकर आतंकवादियों को धन मुहैया कराने के मामले की जांच के संबंध में कल पूछताछ के लिए उसके सामने पेश होने को कहा। इस मामले में आतंकी संगठन लश्कर ए तैयबा के मुखौटा संगठन पाकिस्तान स्थित जमात उल दावा के प्रमुख हाफिज सईद को आरोपी बनाया गया है।

एनआईए ने अपनी प्राथमिकी में हुर्रियत कांफ्रेंस (गिलानी और मीरवाइज उमर फारूक नीत धड़े), हिज्बुल मुजाहिदीन और एक सर्वमहिला संगठन जैसे अलगाववादी संगठनों को नामजद किया है। पेशे से एक सर्जन नयीम पाकिस्तान में 11 साल बिताने के बाद 2010 में वापस लौटे थे। उन्हें अलगाववादी संगठनों के समूह गिलानी नीत तहरीक ए हुर्रियत का स्वाभाविक उत्तराधिकारी माना जा रहा है। उन्होंने कहा कि गिलानी के दामाद अल्ताफ अहमद शाह उर्फ अल्ताफ फंतूश को एनआईए द्वारा पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है और इस मामले में उससे पूछताछ की जा रही है।

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