ताज़ा खबर
 

चौथे दिन भी नहीं थमा जामिया के छात्रों का गुस्सा, हॉस्टल के बाहर जारी रहा विरोध प्रदर्शन

जामिया मिल्लिया इस्लामिया के छात्रावास में दिल्ली पुलिस और आइबी के कथित छापे के विरोध में छात्रों ने मंगलवार को चौथे दिन भी प्रदर्शन जारी रखा।
Author नई दिल्ली | August 17, 2016 03:56 am
बुधवार को अपना आंदोलन खत्म कर दिया।

जामिया मिल्लिया इस्लामिया के छात्रावास में दिल्ली पुलिस और आइबी के कथित छापे के विरोध में छात्रों ने मंगलवार को चौथे दिन भी प्रदर्शन जारी रखा। छात्रोंकी मांग है कि विश्वविद्यालय के कुलपति इस मामले पर संवाददाता सम्मेलन करें ताकि उनकी स्थिति स्पष्ट हों। हालांकि, सोमवार को कुलपति तलत अहमद ने छात्रों से बात की थी। छात्रों का कहना है कि उस दौरान सिर्फ उन्होंने अपनी बात रखी और छात्रों को सवाल पूछने से मना कर दिया गया था। छात्रों ने कहा कि उनके पास छापेमारी के लिए आए दिल्ली पुलिस और आइबी के अधिकारियों के फोटो और वीडियो भी हैं, जिसमें पुलिस और आइबी के कुछ अधिकारी सादी वर्दी में छात्रावास के ब्लॉक-ए में मौजूद दिख रहे हैं।

विश्वविद्यालय के मुख्य गेट पर विरोध कर रहे छात्रों ने जामिया परिसर में प्रवेश करने के लिए आइडी कार्ड दिखाने के प्रशासन के आदेश पर भी नाखुशी जाहिर की। उनका कहना था कि वे विश्वविद्यालय पढ़ने के लिए आए हैं न कि किसी आतंकवादी गतिविधि में शामिल होने। इस तरह के रुख से विश्वविद्यालय प्रशासन से उनका विश्वास उठ रहा है। एक छात्रा ने कहा कि पुलिस और खुफिया अधिकारियों को इस्लामिक स्टडी सेंटर में छापेमारी करनी चाहिए थी, वहां ऐसे संदिग्ध मामलों के आरोप लगते हैं, वो छात्रावास में क्यों आएं। उनके पास छात्रावास में किस तरह की गतिविधि को लेकर सूचना थी, क्या हम यह नहीं जान सकते। एक अन्य छात्र यासिर अली का कहना था कि छात्रावास में छापेमारी से दो दिन पहले ही वार्डन की ओर से पुलिस छापेमारी की बात कही जा रही थी। वार्डन को इस मामले की जानकारी पहले से ही थी और कुलपति कह रहे हैं कि छात्रावास में छापेमारी नहीं हुई। दोनों ही बातें विरोधाभासी हैं। हमारे पास पुलिस के आने को लेकर सबूत है।

छात्र इदरिश मोहम्मद का कहना था कि दिल्ली पुलिस और खुफिया विभाग के अधिकारी जामिया प्रशासन की इजाजत के बिना छात्रावास में कैसे घुसे। अगर कोई जायजा लेना था तो विश्वविद्यालय प्रशासन ही छात्रावास की तलाशी कर सकता था। उस दिन के मामले से यही लगता है कि कोई भी विश्वविद्यालय के छात्रावास में घुसकर किसी के साथ कुछ भी कर सकता है। इस मामले पर कुलपति को तो आगे आना ही होगा और सच्चाई बतानी होगी।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

  1. No Comments.