ताज़ा खबर
 

रोजगार के जरिए सूखाग्रस्त जालौन से पलायन रोकने की कवायद

जालौन के जिलाधिकारी रामगणेश ने सूखे की मार झेल रहे जिले के लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने और दूसरे प्रांतों में उनका पलायन रोकने की दिशा में प्रयास शुरू कर दिए हैं।
Author उरई | January 13, 2016 22:54 pm
डीएम ने ग्राम प्रधानों और पंचायत कर्मियों को मनरेगा सहित अन्य योजनाओं के अंतर्गत रोजगार देने के साथ-साथ उन्हें विकास योजनाओं का लाभ दिलाने का भरोसा जताया है। (फाइल फोटो)

जालौन के जिलाधिकारी रामगणेश ने सूखे की मार झेल रहे जिले के लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने और दूसरे प्रांतों में उनका पलायन रोकने की दिशा में प्रयास शुरू कर दिए हैं। इसके तहत उन्होंने ग्राम प्रधानों और पंचायत कर्मियों को मनरेगा सहित अन्य योजनाओं के अंतर्गत रोजगार देने के साथ-साथ उन्हें विकास योजनाओं का लाभ दिलाने का भरोसा जताया है। उरई के तुलसीधाम में बुधवार को आयोजित नवनिर्वाचित ग्राम प्रधानों और पंचायत कर्मियों के सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने यह बातें कहीं।

जिलाधिकारी रामगणेश ने कहा कि इस साल जिले में पड़ा सूखा भीषण मानवीय आपदा का रूप ले चुका है, जिसकी वजह से सभी स्तरों पर प्रशासनिक इकाइयों को संवेदनशीलता का परिचय देने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि नव निर्वाचित प्रधान अगर ठान लें तो पलायन और भुखमरी पर अंकुश लगाया जा सकता है। उन्होंने प्रधानों से कहा कि वे वर्तमान लेबर बजट की सीमा में कार्य योजना बनाकर तुरंत उस पर अमल करना शुरू कर दें। उन्होंने कहा कि मनरेगा में एक जॉब कार्ड पर डेढ़ सौ दिन काम कराने का प्रावधान कर दिया गया है।

शासन की मंशा को देखते हुए उन्होंने प्रत्येक जॉब कार्ड धारक का आधार कार्ड अपलोड कराने के निर्देश भी दिए हैं। उन्होंने काम के अलावा मजदूरों के बकाया भुगतान को ंिबना देरी के अदा कराने के लिए भी प्रधानों को सचेत किया। साथ ही वित्त वर्ष 2016-17 के लेबर बजट की तैयारियां शुरू करने के लिए कहा।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

  1. No Comments.
सबरंग