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संदिग्ध IS आतंकी मोहम्मद मोसिरुद्दीन को सीरिया, इराक और बांग्लादेश से आते थे फोन कॉल्स

मोसिरुद्दीन से पूछताछ करने पर पता चला कि वह पश्चिम बंगाल वापस आया था और छह साल बाद बीरभूम जिले में अपने गृह स्थान लाभपुर किसी को मारने के लिए जा रहा था।
Author कोलकाता | July 7, 2016 03:55 am
फाइल फोटो

संदिग्ध आइएस आतंकी मोहम्मद मोसिरुद्दीन को सीरिया, इराक और बांग्लादेश से कई फोन कॉल्स आए हैं। जांचकर्ताओं ने उसके मोबाइल फोन पर कॉल सूची के ब्योरे का हवाला देते हुए यह दावा किया है। एक सीआइडी अधिकारी ने बताया कि संदिग्ध आइएस आतंकी के मोबाइल फोन पर विदेशों से इतने कॉल्स देखकर काफी हैरानी हुई। इन नंबरों को जांचने के बाद हमने पाया कि कुछ कॉल्स सीरिया से की गई थीं, कुछ नंबर इराक से थे जबकि कुछ फोन कॉल्स बांग्लादेश से भी किए गए। उन्होंने कहा कि देश के अन्य राज्यों से भी कॉल आए और किए गए। हम उनका सत्यापन कर रहे हैं और यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि मोसिरुद्दीन को ये कॉल्स किसने और क्यों किए।

यह पूछने पर कि क्या इस्लामिक स्टेट (आइएस) और जमात-उल-मुजाहिद्दीन से मोसिरुद्दीन के तार जुड़े होने के संबंध में कोई दस्तावेज जब्त किए गए हैं, उन्होंने कहा- हम इसका खुलासा करने की स्थिति में नहीं हैं। लेकिन मैं यह पुष्टि कर सकता हूं कि हमें आतंकी समूहों से मोसिरुद्दीन के तार जुड़े होने के संबंध में पक्के सुराग मिले हैं। समझा जाता है कि सीआइडी, राष्ट्रीय जांच एजंंसी (एनआइए) और खुफिया ब्यूरो (आइबी) के अधिकारियों की पूछताछ में मोसिरुद्दीन ने कहा कि देश में पश्चिम बंगाल सहित देश के शीर्ष आइपीएस अधिकारियों की एक सूची तैयार की जा रही थी। यह पूछने पर कि किस मकसद से यह सूची बनाई जा रही थी, उसने चुप्पी साध ली। हम यह पता लगा रहे हैं कि कहीं वह हमें भ्रमित करने के लिए झूठ तो नहीं बोल रहा।

मोसिरुद्दीन से पूछताछ करने पर पता चला कि वह पश्चिम बंगाल वापस आया था और छह साल बाद बीरभूम जिले में अपने गृह स्थान लाभपुर किसी को मारने के लिए जा रहा था। सीआइडी ने बर्दवान स्टेशन पर मोसिरुद्दीन का इंतजार कर रहे कल्लू शेख और अमीन शेख को बुधवार को गिरफ्तार किया। संदिग्ध आतंकी के बंगाल वापस लौटने के बारे में सीआइडी अधिकारी ने कहा कि कई सालों बाद उसके वापस आने के दो मकसद थे। पहला, आइएस नेटवर्क का विस्तार करना और दूसरा किसी की हत्या करना जिसके लिए उसने एक तेजधार चाकू खरीदा था।

उसके पास से एक 13 इंच लंबा छुरा, एक छोटा हथियार और तीन गोलियां बरामद की गईं। मोसिरुद्दीन को बुधवार को हावड़ा की एक अदालत में पेश किया गया। उस पर राष्ट्रद्रोह व हथियार कानून के तहत आरोप तय कर 14 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया। कल्लू और अमीन पर भी राष्ट्रद्रोह का मुकदमा दर्ज किया गया है। मोसिरुद्दीन तमिलनाडु के तिरपुर जिले में अपनी पत्नी व दो बच्चों के साथ छह साल से रह रहा था। वह वहां एक परचून की दुकान चला रहा था।

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