January 18, 2017

ताज़ा खबर

 

वैवाहिक स्थलों को प्रशासन का फरमान, 35% पार्किंग की व्यवस्था और CCTV कैमरा लगाना अनिवार्य

शादी समारोहों के लिये इस्तेमाल होने वाले परिसरों को सुव्यवस्थित और सुरक्षित बनाने के मकसद से जिला प्रशासन ने विस्तृत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया है।

Author इंदौर | October 4, 2016 10:36 am

शादी समारोहों के लिये इस्तेमाल होने वाले परिसरों को सुव्यवस्थित और सुरक्षित बनाने के मकसद से जिला प्रशासन ने विस्तृत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया है। इस आदेश के तहत ऐसे परिसरों में कुल क्षेत्रफल का 35 प्रतिशत हिस्सा पार्किंग के लिये आरक्षित रखना और इनमें क्लोज सर्किट टेलीविजन कैमरे (सीसीटीवी) कैमरे लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। सरकारी विज्ञप्ति में  बताया गया कि जिलाधिकारी पी. नरहरि ने विवाह समारोहों को लेकर दण्ड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 144 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया है। इस आदेश के उल्लंघन पर संबंधित परिसरों के मालिक और विवाह समारोहों के आयोजकों के खिलाफ उचित कानूनी कदम उठाये जायेंगे।

प्रतिबंधात्मक आदेश के मुताबिक जिन मैरिज गार्डन, मांगलिक भवनों और होटलों में 35 प्रतिशत क्षेत्रफल पार्किंग के लिये आरक्षित नहीं है, वहां विवाह समारोह आयोजित नहीं किये जा सकेंगे। इन परिसरों के संचालकों को मुख्य प्रवेश द्वार एवं पार्किंग द्वार अलग..अलग बनाने होंगे। उन्हें पार्किंग स्थल को दर्शाने वाला साइन बोर्ड भी लगाना होगा।

विज्ञप्ति में कहा गया है कि वैवाहिक परिसरों के संचालकों को कम से कम चार ऐसे कर्मचारी रखने होंगे जो सुनिश्चित करेंगे कि इन परिसरों के आस..पास के सार्वजनिक स्थलों और रास्तों पर आगंतुकों के वाहन खड़े न होने दिये जायें ताकि यातायात जाम न हो। इसके साथ ही, इन परिसरों के बाहर और अंदर सीसीटीवी कैमरे लगाना और पर्याप्त संख्या में सुरक्षा गार्डोंं की तैनाती भी अनिवार्य होगी।

जिलाधिकारी ने अपने आदेश में यह भी कहा है कि विवाह समारोह के दौरान बारात का स्वागत मैरिज गार्डन, मांगलिक भवनों और होटलों के अंदर ही किया जाये और इसके लिये बाकायदा स्थान तय किया जाये। प्रशासन ने शादियों में हर्ष फायर से होने वाली दुर्घटनाओं के मद्देनजर इन समारोहों के दौरान खुशी में हवा में गोली चलाने पर भी पाबंदी लगा दी है। इसके साथ ही, रात 10 बजे के बाद ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग प्रतिबंधित कर दिया है।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

First Published on October 4, 2016 10:33 am

सबरंग