ताज़ा खबर
 

दक्षिण एशिया के अन्य देशों से खराब है भारत का पोषण

भारत में अब भी पोषण का परिदृश्य दक्षिण एशिया के कई अन्य राष्ट्रों की तुलना में बेहतर नहीं है।
Author कोलकाता | September 7, 2016 17:10 pm
(File Pic)

भारत में अब भी पोषण का परिदृश्य दक्षिण एशिया के कई अन्य राष्ट्रों की तुलना में बेहतर नहीं है। हालांकि देश में कुपोषण के गंभीर रूपों में काफी कमी आई है। एक वरिष्ठ न्यूट्रिशन पैथॉलॉजिस्ट ने आज यह जानकारी दी। राष्ट्रीय पोषण संस्थान और भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद् के पूर्व निदेशक डॉ बी शशिकरण ने हैदराबाद से बताया कि भारत के कुछ हिस्सों को छोड़कर कुपोषण के गंभीर रूपों में काफी कमी आई है। उम्र के मुताबिक कद कम होना और वजन के मुताबिक कद कम होने की प्रवृत्ति में गिरावट आई है लेकिन स्थिति अब भी हमारे क्षेत्र के कई अन्य देशों से बेहतर नहीं है।

उन्होंने बताया कि विभिन्न पोषक तत्वों की कमी के गंभीर रूपों जैसे विटामिन ए की कमी, आयोडीन की कमी में काफी कमी हुई है। हालांकि आयरन की कमी और अब फोलिक एसिड, बी 12 और विटामिन डी कमी अब भी बनी हुई है। दक्षिण के कुछ राज्यों में जन्म के वक्त औसत से कम वजन होने में भी काफी गिरावट आई है जबकि उत्तर के राज्यों में यह अब भी ज्यादा है।

यह बयान विश्व स्वास्थ्य संगठन की हाल में आई उस रिपोर्ट की पृष्ठभूमि में आया है जिसमें कहा गया है कि भारत में हर साल 25 लाख बच्चों की मौत कुपोषण की वजह से होती है। इस रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि चीन में पांच साल के कम वजन वाले बच्चों की संख्या केवल सात प्रतिशत है जबकि भारत में 42.5 फीसदी है जो चिंतनीय है।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

  1. No Comments.
सबरंग