December 11, 2016

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लोगों के गुस्से का शिकार बने चीनी उत्पाद

यदि देश में चीन के सामानों केउपयोग बंद करना है तो पहले उनके विकल्प लोगों को उपलब्ध कराने होंगे।

Author November 1, 2016 04:50 am
चीनी झालर।

व्यापारियों के संगठन कन्फेडेरेशन आॅफ आॅल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने दावा किया है कि उड़ी हमले के बाद चीन द्वारा पाकिस्तान का समर्थन किए जाने के बाद सोशल मीडिया पर चले दिवाली पर चीनी वस्तुओं की खरीदी न करने के जबरदस्त अभियान के कारण इस साल चीन के सामान की बिक्री में पिछले साल के मुकाबले गिरावट हुई है।

इतना ही नहीं बल्कि व्यापारियों ने भी चीनी सामान बेचने के प्रति कोई उत्साह नहीं दिखाया। इस वजह से घरेलू सामान को ज्यादा इस्तेमाल में लाने की भावना को भी बल मिला है। महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल ने कहा निष्कर्ष यह है की यदि देश में चीन के सामानों केउपयोग बंद करना है तो पहले उनके विकल्प लोगों को उपलब्ध कराने होंगे। दूसरी ओर सरकार को एक दीर्घकालीन नीति बनाकर घरेलू व्यापार एवं उद्योग को सक्षम बनाने के लिए नीति बनानी होगी।
जिससे कम दामों पर उच्च गुणवत्ता के उत्पाद अंतरराष्टÑीय बाजार में उतार सकें।

कैट के अध्यक्ष बीसी भरतिया और महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल ने कहा की सोशल मीडिया का यह अभियान घर-घर तक पहुंचा और इसी बीच चीनी मीडिया के ‘भारत केवल भोंक सकता है’ वाले बयान ने अभियान को और गति दी।चीनी सामान के मुकाबले इस साल कागज और मिट्टी से बनी सजावटी वस्तुएं, चॉकलेट, टॉफी, ड्राई फ्रूट, मिठाइयां, एफएमसीजी प्रोडक्ट, देशी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, किचन का सामान, बर्तन, उपहार में देने वाली वस्तुएं, देसी फर्निशिंग फैब्रिक, दरी-चादर आदि ज्यादा खरीदी गई। चीनी पटाखों की तुलना में तमिलनाडु के शिवकाशी शहर में बने पटाखों को लोगों ने ज्यादा तरजीह दी ।

 

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First Published on November 1, 2016 4:50 am

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