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आयकर विभाग महेश शाह पर दर्ज कर सकता आपराधिक मामला

आयकर विभाग प्रापर्टी डीलर महेश शाह पर आपराधिक मामला दर्ज करने पर विचार कर रहा है, जिन्होंने स्वैच्छिक आय घोषणा योजना (आईडीएस) के तहत 13,860 करोड़ रुपये की आय की घोषणा की थी।
प्रापर्टी डीलर महेश शाह

आयकर विभाग प्रापर्टी डीलर महेश शाह पर आपराधिक मामला दर्ज करने पर विचार कर रहा है, जिन्होंने स्वैच्छिक आय घोषणा योजना (आईडीएस) के तहत 13,860 करोड़ रुपये की आय की घोषणा की थी। लेकिन, बाद में कहा था कि यह ‘बड़े लोगों’ का धन है जिनके बारे में वह केवल आयकर विभाग के अधिकारियों को जानकारी देंगे। आयकर अधिकारियों ने गुरुवार को भी इस प्रश्न पर चुप्पी साधे रखी कि क्या 67 वर्षीय व्यापारी महेश शाह ने इस मामले में उन्हें कोई जानकारी दी है? मुख्य आयकर आयुक्त बी.डी. गुप्ता ने बताया, “हमें पहले दिन से ही उनके इरादों पर शक था। इसलिए उनके दावे को अस्वीकार कर दिया गया। हमने उनके द्वारा घोषित की गई संपत्ति को आईडीएल योजना के तहत घोषित की गई संपत्ति में नहीं जोड़ा है। शाह तब चर्चा में आए थे, जब उन्होंने आईडीएस के तहत 13,860 करोड़ रुपये की घोषणा की थी, लेकिन इस पर कर की पहली किस्त 1,560 करोड़ रुपये चुकाने के वक्त लापता हो गए थे।

उसके बाद वे मीडिया के सामने नजर आए और बयान दिया कि जिस रकम की उन्होंने घोषणा की है। वह उनकी नहीं है बल्कि कुछ ‘बड़े लोगों’ का धन है, जिन्होंने उसे ऐसा करने पर बड़ा कमीशन देने का वादा किया है। आयकर अधिकारियों ने कहा कि वे शाह और उसके चाटर्ड एकाउंटेट तहमूल शेठना पर गलत घोषणा के लिए आपराधिक मामला दर्ज कराने पर विचार कर रहे हैं।

गौरतलब है कि महेश शाह ने केंद्र सरकार की स्वैच्छिक घोषणा योजना (आईडीएस) के तहत 13 हजार करोड़ रुपये की संपत्ति का खुलासा किया था। केंद्र सरकार की इस योजना के तहत 30 सितंबर तक सरकार को 45 प्रतिशत टैक्स देकर अघोषित आय घोषित की जा सकती थी। इस योजना के तहत अघोषित आय पर टैक्स चुकाने के बाद आय की स्वैच्छिक करने वाले पर आयकर विभाग की तरफ से कोई कार्रवाई नहीं होनी थी।

शाह ने योजना के आखिरी दिन 13 हजार करोड़ रुपये अघोषित आय की जानकारी आयकर विभाग को दी थी। शाह को टैक्स की 975 करोड़ रुपये की पहली किश्त 30 नवंबर तक चुकानी थी। जब आयकर विभाग ने जांच की तो पाया कि शाह ने अहमदाबाद के कई बड़े कारोबारियों के कालेधन को अपना बताकर आय की स्वैच्छिक घोषणा के तहत घोषित किया था।

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