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बागियों और भितरघातियों ने सांसत में डाला

जिला सोलन व सिरमौर की पांच-पांच व किन्नौर की एक सीट बड़ा उलटफेर करने जा रही हैं। सोलन व सिरमौर में पांच-पांच सीटों में से तीन-तीन सीटों पर भाजपा का कब्जा हैं।
Author शिमला | November 7, 2017 05:01 am
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ प्रेम कुमार धूमल। (File Photo/Facebook)

ओमप्रकाश ठाकुर 

नौ नवंबर को होने वाले हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनावों में जिला सोलन व सिरमौर की पांच-पांच व किन्नौर की एक सीट बड़ा उलटफेर करने जा रही हैं। सोलन व सिरमौर में पांच-पांच सीटों में से तीन-तीन सीटों पर भाजपा का कब्जा हैं। जबकि किन्नौर की एक सीट कांग्रेस के कब्जे में हैं। इन तीनों जिलों की 11 सीटों पर कहीं बागियों ने तो कहीं भितरघातियों ने प्रत्याशियों को संकट में डाला हुआ है। अर्की विधानसभा से सटे नालागढ़ व दून हलके हैं। नालागढ़ में धूमल खेमे के कृष्ण लाल ठाकुर भाजपा प्रत्याशी हैं व उन्हें नालागढ़ रियासत के राजा विजेंद्र सिंह का भी समर्थन है। विजेंद्र सिंह पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह के रिश्तेदार हैं। लेकिन वे समर्थन भाजपा को दे रहे हैं। इसके अलावा वीरभद्र सिंह के करीबी हरदीप सिंह बावा कांग्रेस के बागी के रूप में मैदान में हैं, जबकि कांग्रेस ने लखविंदर सिंह राणा को मैदान में उतारा हैं। दून हलके में कांग्रेस के विधायक राम कुमार चौधरी मैदान में हैं और ये भाजपा के परमजीत सिंह पम्मी का पसीना बहाए हुए हैं। पम्मी नया चेहरा हैं।

सोलन (आरक्षित) सीट पर दामाद-ससुर के बीच मुकाबला हैं। मंत्री धनीराम शांडिल को उनके दामाद राजेश कश्यप टक्कर दे रहे हैं। राजेश कश्यप भाजपा सांसद वीरेंद्र कश्यप के छोटे भाई हैं। यहां भितरघात का खतरा हैं। धूमल को मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित करने से राजेश को कुछ लाभ मिलता नजर आ रहा हैं। धनीराम को माकपा प्रत्याशी से खतरा हैं। उधर, सरमौर में कांग्रेस के अजय सोलंकी भाजपा के राजीव बिंदल को चुनौती देते नजर आ रहे हैं। मुख्यमंत्री अर्की में बेशक खुद बाहरी प्रत्याशी हैं लेकिन वे नाहन में बिंदल को बाहरी बता आए हैं। बिंदल पहले सोलन से चुनाव लड़ते थे, लेकिन पिछली बार सोलन सीट सीमांकन की वजह से आरक्षित हो गई तो वे नाहन की ओर सरक गए व वहां हिमाचल निर्माता दिवंगत परमार के पुत्र व पांच बार विधायक रहे कुश परमार से जीते भी। इस बार कुश परमार के पुत्र चेतन परमार को उम्मीद थी कि उनको कांग्रेस का टिकट मिलेगा लेकिन कांग्रेस के अजय सोलंकी टिकट झटकने में कामयाब रहे। ऐसे में चेतन परमार ने भाजपा का दामन थाम लिया। पच्छाद (आरक्षित) से वीरभद्र के करीबी कांग्रेस के गंगूराम मुसाफिर व भाजपा के सुरेश कुमार के बीच कड़ा मुकाबला हैं।

रेणुका जी (आरक्षित ) में भाजपा के बागी व धूमल के करीबी व भाजपा के बागी ह्रदय राम भाजपा प्रत्याशी बलबीर सिंह के सामने संकट खड़ा किए हुए हैं। कांग्रेस के प्रत्याशी व विनय कुमार की बेशक इस बार पकड़ ढीली हुई हैं लेकिन वे कड़े मुकाबले में हैं। शिलाई में भाजपा बलदेव तोमर और कांग्रेस के हर्ष वर्धन चौहान के बीच कड़ा मुकाबला है। पांवटा साहिब से पिछली बार जीते निर्दलीय प्रत्याशी करनेश जंग को कांग्रेस ने टिकट दिया है। उनका मुकाबला भाजपा के सुखराम से हैै व दोनों में कड़ा मुकाबला है। जिला सिरमौर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रैलियां कर भाजपा को मजबूत करने का प्रयास किया हैं । नतीजा 18 दिसंबर को सामने आना हैं।उधर जिला किन्नौर में एक ही सीट हैं। यहां पर भाजपा के तेजवंत नेगी को भितरघात संकट में डाले हुए हैं। यहां कांग्रेस के जगत सिंह नेगी जो डिप्टी स्पीकर रहे हैं, कड़ी टक्कर दे रहे। तेजवंत नेगी धूमल के वफादारों में से एक हैं।

 

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