ताज़ा खबर
 

हरियाणा: पूर्व कांग्रेसी सीएम हूडा से मिलता था, इसलिए बीजेपी सरकार ने बदल दिया हुडा का नाम

दोनों नामों के बीच में अंतर करना काफी मुश्किल था इसलिए ऑथोरिटी का नाम बदलना पड़ा।
Author गुड़गांव | June 2, 2017 10:04 am
हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा। (फाइल फोटो)

हरियाणा की बीजेपी सरकार ने हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण का नाम हूडा से बदलकर हुडा कर दिया है। इसके पीछे का कारण यह है कि प्रधिकरण का नाम पूर्व राज्य मुख्यमंत्री भूपिंद्र सिंह हूडा से मिलता था। आपको बता दे कि प्रधिकरण को हिंदी में हरियाणा शहरी विकास प्रधिकरण के नाम से बुलाया जाता है और वहीं अंग्रेजी में हरियाणा अरबन डेवेलपमेंट ऑथोरिटी के नाम से जाना जाता है। अब हरियाणा सरकार ने फैसला किया है कि ऑथोरिटी को हिंदी और अंग्रेजी दोनों में ही हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के नाम से बुलाया जाएगा। गुरुवार को हुई कैबिनेट की बैठक में यह फैसला लिया गया।

इस बैठक के बाद इसकी जानकारी देते हुए राज्य स्वास्थ्य मंत्री अनिज विज ने कहा कि पूर्व सीएम हूडा के नाम और ऑथोरिटी के नाम में काफी समानता थी जो कि लोगों के लिए उलझन पैदा करता था। दोनों नामों के बीच में अंतर करना काफी मुश्किल हो रहा था इसलिए ऑथोरिटी का नाम बदलना पड़ा। विज ने कहा कि लोग कहते हैं कि हूडा को जेल होगी, लेकिन यह बात केवल वही लोग समझ पाते हैं जिन्हें पता है कि जेल की बात पूर्व सीएम हूडा के बारे में की जा रही है न कि ऑथोरिटी के बारे में।

आपको बता दें कि हूडा पर पिछले तीन सालों से सीबीआई जांच चल रही है। हूडा के ऊपर कांग्रेस सरकार के शासन के दौरान पंचकूला में औद्योगिक भूखंडों के आबंटन में अनियमितताओं की सीबीआइ जांच की सिफारिश की गई थी। यह सिफारिश हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल द्वारा की गई थी। राज्य सतर्कता विभाग की जांच में आबंटन में कथित अनियमितताएं पाए जाने के बाद यह कदम उठाया गया था। इतना ही नहीं  प्रवर्तन निदेशालय ने कथित धनशोधन के मामले में हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हूडा, नेशनल हेरल्ड समाचार पत्र के प्रकाशक एसोसिएटेड जर्नल लिमिटेड (एजेएल) के अधिकारियों और अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया था।

देखिए वीडियो - हरियाणा के सीएम मनोहर लाल खट्टर का विवादित बयान- “शहीद वे होते हैं जो सीमा पर मरते हैं, न कि आत्महत्या करने वाले”

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

  1. No Comments.
सबरंग