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हरियाणा में एक बार फिर तनाव के हालात, इमाम के साथ मारपीट के बाद मंदिर में लगाया ‘786’ लिखा हुआ झंडा

घटना अंचरा खुर्द मस्जिद हमलें के दो दिन बाद घटी जहां कथित भीड़ ने इमाम के साथ अन्य लोगों पर हमला कर दिया दिया था।
इस तस्वीर का इस्तेमाल केवल प्रतीकात्मक रूप से किया गया है। (फाइल फोटो)

हरियाणा में एक बार फिर तनाव के हालात बन गए हैं। यहां जींद में निर्माणधीन मंदिर में नीले रंग के झंडे लगाए गए हैं जिनके ऊपर 786 लिखा हुआ है। बता दें कि इस नंबर को मुस्लिम समुदाय से जुड़ा हुआ माना जाता है। सूत्रों के अनुसार घटना अंचरा खुर्द मस्जिद हमलें के दो दिन बाद घटी जहां कथित भीड़ ने इमाम के साथ अन्य लोगों पर हमला कर दिया दिया था। इस हमले में तीन लोग बुरी तरह से घायल हुए थे। वहीं स्थानीय पुलिस अधिकारी ने मामले में जानकारी देते हुए कहा कि क्षेत्र में कानून व्यवस्था पूरी तरह बनी हुई है। वहीं बीते रविवार (25 जून, 2017) मस्जिद के इमाम पर हमले के बाद एसएसपी शशांक आनंद घटना स्थल पर पहुंचे और देर रात तक हालात को काबू में करने की कोशिश की। सूत्रों के अनुसार यहां ईद से एक दिन पहले तनाव के हालात पैदा हो गए थे। जानकारी के लिए बता दें कि बीते दिनों हरियाणा में ही मथुरा जा रही ट्रेन में भीड़ द्वारा बीफ की अफवाह के बाद बल्लभगढ़ में 17 साल के जुनैद की हत्या कर दी गई। जिसके बाद जुनैद गांव खंडावली में लोगों ने काली पट्टी बांधकर ईद मनाई।

ईद के त्यौहार से तीन दिन पहले उग्र भीड़ ने जुनैद की हत्या कर उसके परिवार की खुशियां छीन ली थी। जुनैद के परिवार के लोग, दोस्त व अन्य ग्रामीण ईद की नमाज अदा करने के दौरान हाथों में काली पट्टी बांधे हुए नजर आए। ईटीवी के अनुसार जुनैद के पिता ने कहा कि हम ईद के दिन नमाज अदा तो कर रहे हैं लेकिन हम यह त्यौहार नहीं मनाएंगे। हम चाहते हैं कि जिन्होंने भी मेरे बेटे की हत्या की है उन्हें कड़ी से कड़ी सजा दी जाए। ट्रेन में आरोपियों ने जुनैद के भाई शाकिर को भी घायल कर दिया था। शाकिर से जब इस घटना के बारे में पूछा गया तो वह कुछ भी बता नहीं पाया क्योंकि उसकी आंखू से आंसू रुकने का नाम ही नहीं ले रहे थे। मस्जिद में नमाज के लिए आए अन्य ग्रामीणों द्वारा प्रोत्साहित किए जाने पर शाकिर ने घटना के बारे में बताने का साहस जुटाया। शाकिर ने कहा कि परिवार के साथ खुशी-खुशी ईद मनाने के लिए दिल्ली से ईद की ढेर सारी खरीददारी करके दिल्ली-मथुरा एक्सप्रेस ट्रेन से वह जुनैद और अन्य दो लोगों के साथ घर आ रहा था। कुछ लोग ओखला स्टेशन से ट्रेन में सवार हुए। वे लोग काफी तगड़े थे।

शाकिर ने कहा कि उन्होंने हमारे कपड़ों और सिर पर रखी टोपी को देखकर पहचान लिया कि हम मुसलमान हैं और वे हमपर सांप्रदायिक टिप्पणियां करने लगे। जब हमने इसका विरोध किया तो आरोपियों ने हमारी टोपी उतारकर उसे अपने पैरों से रोंद दिया और मेरी दाढ़ी खींचने लगे। ट्रेन में मौजूद लोग भी हिंदू-मुस्लिम किए जाने पर उनके साथ हो गए और किसी ने भी आगे आकर बीच-बचाव नहीं किया। वे हमपर बार-बार आरोप लगा रहे थे कि हम अपने साथ बीफ ले जा रहे हैं और हम गोमांस खाते हैं। आरोपी हमें पाकिस्तानी बुला रहे थे। वे हमसे कह रहे थे कि तुम्हारी जगह यहां नहीं पाकिस्तान में है।

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