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रयान इंटरनेशनल स्कूल मर्डर केस: आरोपी कंडक्टर के पिता ने कहा-बेकसूर है बेटा, प्रद्युमन की हत्या में फंसाया गया

हरियाणा सरकार ने आज कहा कि वह गुरूग्राम के रयान इंटरनेशनल स्कूल में सात वर्षीय बच्चे की हत्या की सीबीआई जांच का आदेश देने के खिलाफ नहीं है।
प्रद्युमन ठाकुर मर्डर केस का आरोपी बस कंडक्टर अशोक (Photo-Indian express)

गुरूग्राम के रयान इंटरनेशनल स्कूल में दूसरी क्लास के छात्र प्रद्युमन ठाकुर की हत्या में आरोपी के परिवार वालों ने कहा है कि उनका बेटा बेकसूर है और उसे स्कूल मैनेजमेंट के दबाव में फंसाया गया है। बस कंडक्टर अशोक के पिता ने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा, ‘मेरा बेटा निर्दोष है, उसे फंसाया जा रहा है, और इसके बीचे स्कूल का हाथ है।’ अशोक की बहन ने कहा कि उनके भाई के पीटा गया और उसपर गलत बयान देने के लिए दबाव डाला गया। अशोक की बहन का कहना है कि स्कूल प्रिंसिपल ने पुलिस को रिश्वत दिया है और इस वजह से पुलिस उसके भाई को फंसा रही है। बता दें कि अशोक पर 7 साल के प्रद्युमन ठाकुर की हत्या का आरोप है। 8 सितंबर को हुई वारदात में गुरूग्राम पुलिस ने 9 सितंबर को गिरफ्तार किया था। 42 साल का अशोक इस वक्त तीन दिन की पुलिस हिरासत में है। बता दें कि अशोक दो बच्चों का पिता है। 7 और 9 साल की उम्र के उसके 2 लड़के हैं। और वो रयान इंटरनेशनल स्कूल से 5 किलोमीटर दूर घमरोज गांव में रहता है।

वहीं हरियाणा सरकार ने आज कहा कि वह गुरूग्राम के रयान इंटरनेशनल स्कूल में सात वर्षीय बच्चे की हत्या की सीबीआई जांच का आदेश देने के खिलाफ नहीं है और स्थानीय पुलिस से कहा है कि वह किशोर न्याय कानून के तहत स्कूल मालिक पर मामला दर्ज करे। राज्य के शिक्षा मंत्री राम बिलास शर्मा ने यह भी कहा कि स्कूल प्रबंधन की तरफ से लापरवाही हुई है। शर्मा ने पीटीआई-भाषा से कहा, ‘‘हम रयान इंटरनेशनल स्कूल की तरफ से लापरवाही को स्वीकार करते हैं, लेकिन स्कूल को मान्यता रद्द नहीं की जा सकती क्योंकि 1200 छात्रों का भविष्य पर दांव लग जाएगा।’’

उन्होंने कहा, ‘‘हमने गुरूग्राम पुलिस को निर्देश दिया है कि रयान इंटरनेशनल स्कूल के मालिक अलबर्ट पिंटो पर किशोर न्याय कानून की धारा 75 के तहत मामला दर्ज करने का निर्देश दिया है। ’’  उन्होंने कहा, ‘‘इस मामले में सुरक्षा को लेकर कुछ खामियां स्पष्ट तौर पर नजर आती हैं और शौचालय की खिड़की भी टूटी हुई थी।’’ शर्मा ने कहा कि मामले में आरोप पत्र जल्द दाखिल कर लिया जाएगा क्योंकि पुलिस तेजी से जांच कर रही है। बहरहाल, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अगर बच्चे के माता-पिता सीबीआई या किसी दूसरी एजेंसी से जांच की मांग करते हैं तो सरकार उनकी मांग स्वीकार कर लेगी।

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