April 29, 2017

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गुड़गांव: एम्स ले जाते वक्त रास्ते में एंबुलेंस का इंधन खत्म, 3 महीने के बच्चे की हुई मौत

एंबुलेंस को 28 किलोमीटर का सफर तय करना था लेकिन एंबुलेंस ड्राइवर ने यह देखना जरूरी नहीं समझा कि गाड़ी में इंधन है कि नहीं।

Author गुड़गांव | April 15, 2017 15:09 pm
तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीक के तौर पर किया गया है।

गुड़गांव में एक एंबुलेंस का रास्ते में इंधन खत्म हो जाने के कारण 3 महीने की बच्चे की जान चली गई। यह मामला गुड़गांव के सिविल अस्पताल का है, जहां पर अस्पताल की लापरवाही के कारण एक छोटी सी बच्चे ने दम तोड़ दिया। गुड़गांव सिविल अस्पताल के सर्जन पुष्पा बिशनोई ने इस मामले की जांच के आदेश देते हुए एक कमेटी का गठन किया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार इस बच्चे अवेल को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल से सिविल अस्पताल में विशेष इलाज के लिए रेफर किया गया था। इसके बाद अस्पताल नें बच्ची को दिल्ली के एम्स रेफर किया। एंबुलेंस को 28 किलोमीटर का सफर तय करना था लेकिन एंबुलेंस ड्राइवर ने यह देखना जरूरी नहीं समझा कि गाड़ी में इंधन है कि नहीं। रास्ते में ही इंधन खत्म हो गया जिसके कारण बच्चे की मौत हो गई।

गुडंगांव सिविल अस्पताल की प्रिंसिपल मेडिकल ऑफिसर कांता गोयल ने बताया कि गुड़गांव स्वास्थ्य विभाग के पास केवल 16 एंबुलेंस हैं जो कि करीब 25 लाख आबादी को इधर से उधर ले जाना का काम करती हैं। सभी एंबुलेंस पुरानी हैं और करीब 2 लाख किलोमीटर से ज्यादा का सफर तय कर चुकी हैं।  कांता गोयल ने बताया कि सभी एंबुलेंस की सेवा के लिए समय पाबंदी रखी गई है।

वहीं दूसरी तरफ इसी प्रकार का एक मामला पहले भी सामने आया था। एक खून से लतपत बच्चे को एक एंबुलेंस अस्पताल लेकर जा रही थी कि तभी किसी वीआईपी के वहां से गुजरने के कारण ट्रैफिक पुलिस ने एंबुलेंस को आग बढ़ने नहीं दिया। पुलिसवालों ने साफ मना कर दिया कि किसी भी वाहन को आगे जाने नहीं दिया जाएगा और पांच मिनट रुक जाओ। इसके बाद वहां मौजूद लोगों ने हंगामा किया और इसी घटना का वीडियो बनाना शुरु किया तो काफी मशक्कत करने के बाद उन पुलिसवालों ने एंबुलेंस को आगे जाने का रास्ता दिया। यह वीडियो जब वायरल हुआ तो पुलिसवालों ने कहा कि हम केवल आदेश का पालन कर रहे थे।

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First Published on April 15, 2017 3:06 pm

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