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सामान्‍य से तीन गुना बड़े सिर वाली बच्‍ची की मौत, कुछ ही दिन में होने वाली थी सर्जरी

डॉक्टरों ने उसके माता पिता को भरोसा दिलाया था कि उनकी बच्ची बहुत जल्द ही एक सामान्य बच्ची की तरह हो जाएगी। लेकिन ऐसा हो नहीं सका।
जन्म के वक्त ब्रेन में अधिक पानी भर जाने की वजह से रुना को हाइड्रोसीफॉलस नामक बीमारी हो गई थी। (Photo: Reuters)

त्रिपुरा की रुना बेगम, जो अपने बड़े सिर को लेकर पूरी दुनिया में सुर्खियां बटोर रही थी, उसकी मंगलवार देर रात मौत हो गई। वह साढ़े पांच साल की थी और गुरुग्राम के फोर्टिस मेमोरियल रिसर्च इंस्टीट्यूट में उसका इलाज चल रहा था। रुना फोर्टिस अस्पताल में 2013 से एडमिट थी और यहां उसका निशुल्क इलाज चल रहा था। बता दें कि जन्म के वक्त ब्रेन में अधिक पानी भर जाने की वजह से रुना को हाइड्रोसीफॉलस नामक बीमारी हो गई थी। इस वजह से उसका सिर 94 सेंटीमीटर बड़ा हो गया था। वो जन्म से ही बोलने में भी असमर्थ थी। हाइड्रोसीफॉलस के इलाज के लिए रुना के परिजनों ने उसे फोर्टिस अस्पताल में एडमिट कराया था। डॉक्टर उसका आठ बार ऑपरेशन कर चुके थे, लेकिन रुना की हालत में कोई सुधार नहीं आया।

डॉक्टरों ने उसके माता पिता को भरोसा दिलाया था कि उनकी बच्ची बहुत जल्द ही एक सामान्य बच्ची की तरह हो जाएगी। लेकिन ऐसा हो नहीं सका। रुना की मां फातिमा खातून ने बताया कि उसे सांस लेने में काफी दिक्कत हो रही थी। हम उसका दूसरे अस्पताल में इलाज करवाना चाहते थे। लेकिन इससे पहले ही वो चल बसी। उन्होंने आगे कहा, ”एक महीने पहले ही हमने रुना का चेकअप करवाया था और हम उसको दूसरे अस्पताल में शिफ्ट करवाना चाहते थे। हम यहां के इलाज से संतुष्ट नहीं थे।”

रुना के पिता अब्दुल रहमान ने कहा, ”जन्म के बाद से रुना की स्थिति काफी खराब थी।, लेकिन फोर्टिस अस्पताल में पांच ऑपरेशनों के बाद उसकी हालत में कुछ सुधार हुआ था। हालांकि, वह चल-फिर नहीं पाती थी। वह कुछ खा-पी भी नहीं सकती थी, पर उसके सिर का आकार छोटा होता जा रहा था।”

उन्होंने कहा, ”कल उसने खाना खाया उसके बाद मैं काम पर चला गया। शाम में 8 बजे के करीब रुना की मां ने मुझे बुलाया और कहा कि उसे कुछ दिक्कत आ रही है। मैं उसके पास गया गया और उसे उठाने की कोशिश की लेकिन उसी समय उसकी मौत हो गई।”

गौरतलब है कि रुना को लेकर नॉर्वे की नथालिया क्रांट्ज और जोन्स बोरग्रेविंक ने 2013 में एक वेबसाइट ‘माइगुडएक्ट’ पर सोशल कैंपेन चलाया था जिसमें उन्होंने रुना के इलाज के लिए फंड इकट्ठा किया था। उन दोनों ने करीब 62,000 डॉलर इकट्ठा कर लिया था। उसी दौरान दुनिया भर की मीडिया ने इस खबर को जगह दी थी।

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