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डेरे पर पुलिस ने की छापेमारी- 18 नाबालिग बच्चियों समेत कई आपत्तिजनक चीजें मिली

यह सभी बच्चिया बेहद घबरायी हुई हैं। ये सभी नाबालिग बच्चियां डेरे की शाही बेटियों में शामिल थीं।
राम रहीम अब तक के बाबाओं से काफी अलग हैं।

डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को जेल होने के बाद हरियाणा पुलिस ने डेरे के खिलाफ कार्रवाई और तेज कर दी है। पुलिस ने राज्य के कई जिलों में मौजूद डेरा  के करीब 103 ‘नाम चर्चा घरों’ को खाली करा लिया है। वहीं कुछ नामचर्चा घरों को सील भी किया गया है। कई नाम चर्चा घरों से पेट्रोल बम, लाठी डंडों के अलावा अन्य हथियार भी बरामद हुए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इन जगहों से भारी मात्रा में हथियार और दूसरे आपत्तिजनक सामान मिले हैं। हरियाणा के डीजीपी बीएस सिंधु ने कहा कि नाम चर्चा घरों से 104 डंडे, 48 लोहे की रोड, 21 बोतल डीजल, पेट्रोल और मिट्टी का तेल समेत कई हथियार बरामद किए गए हैं। इसके अलावा बड़ा चाकू, एक तलवार और 18 अन्य धारदार हथियार बरामद किए गए हैं।

वहीं पुलिस ने डेरा सच्चा सौदा मुख्यालय में भी कार्रवाई की है और वहां रह रहीं 18 बच्चियों को सिरसा प्रशासन ने मंगलवार को डेरे से निकाल लिया। इनकी उम्र दो साल से लेकर 15 साल के बीच है। मेडिकल जांच कराने के बाद इन सबको सिरसा की महिला एवं बाल संरक्षण अधिकारी ने रोडवेज बस से कल देर रात सोनीपत के राई स्थित बालग्राम पहुंचा दिया गया है ।  बस के साथ हरियाणा पुलिस के जवान, शाही बच्चियों की सुरक्षा के लिए साथ थे। कल रात लगभग 10 बजे के आसपास सिरसा डिपो की बस बालग्राम पहुंची , जहाँ मीडिया कर्मी पहले से ही बस के इन्तजार में खड़े थे लेकिन प्रशासन ने मीडिया को बच्चियों की कवरेज नहीं करनी दी क्योकि उनका कहना था कि यह सभी बच्चिया बेहद घबरायी हुई हैं। ये सभी नाबालिग बच्चियां डेरे की शाही बेटियों में शामिल थीं।

प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार डेरा सच्चा सौदा प्रमुख राम रहीम को रेप के दो मामलो में 20 वर्ष की सजा होने के बाद डेरा से आर्मी और हरियाणा पुलिस ने इन शाही बच्चियों को मुक्त करवाया है। डेरे से मुक्त करवाई गयी लड़कियों को सोनीपत के बालग्राम राई में कल देर रात भेजा गया है। जहाँ इन बच्चियों की देखरेख अब सोनीपत प्रशासन व बालग्राम राई के अधिकारी करेंगे। बालग्राम राई की संचालिका अनीता शर्मा का कहना है कि सभी बच्चिया सुरक्षित यहाँ पहुँच गयी है और उनके रहने खानेपीने की सभी व्यवस्था उनकी कर दी गयी है। उन्होंने बताया की बच्चियों की उम्र दो साल से लेकर 15 वर्ष तक की है।
गौरतलब है कि डेरे की शाही बेटियों की संख्या 32 है, इनमें से 14 बालिग हैं, इसलिए प्रशासन ने उनकी मर्जी के मुताबिक उन्हें डेरे में रहने दिया। डेरे में इन्हें हर तरह की सुख सुविधा दी जाती थी। इनके लिए विशेष सेविकाओं की ड्यूटी लगाई गई थी। यदि किसी सेविका से कोई गलती हो जाती थी तो गुरमीत उसे तुरंत बदल देता था।डेरा सच्चा सौदा प्रमुख के खिलाफ फैसला सुनाए जाने के बाद प्रदेश में हुए उपद्रव के दौरान जान गंवाने वालों की संख्या 39 हो गई है। हिसा में पंचकूला में 33 लोग मारे गए, जिनमें से ज्यादातर पंचकूला के बाहर के हैं। सिरसा में छह लोगों की मौत हुई।

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