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बीफ पर बदले केन्द्रीय मंत्री रामदास अठावले के सुर, कहा- नहीं खाएं गोमांस

शनिवार 22 जुलाई को केन्द्रीय मंत्री ने कहा, ' गाय का मांस लोगों को नहीं खाना चाहिए क्योंकि देश में गौहत्या के खिलाफ कानून है और हिन्दू समुदाय की भावनाएं गाय से जुड़ी हुई हैं, लेकिन दूसरे जानवरों का मांस खाने में कोई दिक्कत नहीं है।'
केन्द्रीय मंत्री रामदास अठावले ने कहा है कि देश में गौहत्या के खिलाफ कानून है और लोगों को बीफ नहीं खाना चाहिए (Photo-ANI)

केन्द्रीय मंत्री रामदास अठावले ने कहा है कि लोगों को बीफ नहीं खाना चाहिए, क्योंकि हिन्दुओं की भावनाएं गाय के साथ जुड़ी हुई हैं। रामदास अठावले का ये बयान उनके 14 जुलाई को दिये गये उस बयान से एकदम अलग है जिसमें उन्होंने कहा था कि बीफ खाने का अधिकार सबको है। गुजरात के राजकोट में शनिवार 22 जुलाई को केन्द्रीय मंत्री ने कहा, ‘ गाय का मांस लोगों को नहीं खाना चाहिए क्योंकि देश में गौहत्या के खिलाफ कानून है और हिन्दू समुदाय की भावनाएं गाय से जुड़ी हुई हैं, लेकिन दूसरे जानवरों का मांस खाने में कोई दिक्कत नहीं है।’ आगे उन्होंने कहा कि इन दिनों गौरक्षा के नाम पर लोगों को पीटना और उनकी हत्या करना फैशन बन गया है। केन्द्रीय मंत्री रामदास अठावले ने इससे पहले कहा था कि देश के सभी लोगों को बीफ खाने का अधिकार है। रामदास अठावले ने तब कहा था कि, ‘कथित गौरक्षकों को कानून के मुताबिक सजा दी जानी चाहिए, बीफ खाने का अधिकार सबको है, और गौरक्षा के नाम पर इस तरह भक्षक बनना ठीक नहीं है, आपको पुलिस में जाने का अधिकार है लेकिन कानून तोड़ने का हक नहीं है, ऐसे लोगों को सजा मिलनी चाहिए।’

लेकिन शनिवार का ये उनका बयान पिछले बयान से अलग है। बता दें कि रामदास अठावले की रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया केन्द्र में बीजेपी के साथ सत्ता की साझीदार है। और रामदास अठावले द्वारा गौहत्या और बीफ खाने का विरोध करने वाली बीजेपी की विचारधारा के खिलाफ बयान देने से दोनों राजनीतिक साझीदारों के बीच कड़वाहट पैदा हो गई थी। समझा जाता है कि रामदास अठावले ने इस कड़वाहट को दूर करने के लिए कहा है कि देश में गौहत्या के खिलाफ कानून है और लोगों को बीफ नहीं खाना चाहिए।

हालांकि शनिवार 23 जुलाई को उन्होंने ये भी कहा कि कुछ लोग गाय के नाम पर देश की एकता और अखंडता को तोड़ने की कोशिश कर रहे हैं, और किसी भी शख्स को कानून अपने हाथ में लेने का अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि पीएम नरेन्द्र मोदी ने भी कहा है कि अगर गौरक्षा के नाम पर किसी ने भी कानून को अपने हाथ में लिया तो उसे कठोर सजा दी जानी चाहिए।

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  1. B
    bitterhoney
    Jul 22, 2017 at 10:43 pm
    यह कोई हैरान करने वाली बात नहीं है. अब किसी भी नेता में नैतिकता नाम की कोई चीज़ नहीं बची है, सभी दोगले हैं. इनका कुछ ठीक नहीं यह अपना थूका हुआ कब चाट लें. हैरानी केवल इस बात की है कि इस दौर में ऐसे ही गंदे नेता चुन कर आते हैं और हमीं लोग इनको चुनते हैं. ऐसे नेताओं को चुन कर हमीं लोग देश के साथ विश्वासघात कर रहे हैं.
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    Reply
    सबरंग