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गुजरात: कुएं में गिरा शेर का बच्चा, चारपाई की मदद से निकाला बाहर, 4 घंटे चला ऑपरेशन

मोरे ने कहा कि शावक को लकड़ी की चारपाई के सहारे कुंए से बाहर निकाला गया। हालांकि, उसे किसी तरह की चोट नहीं आई।
सावरकुंडला तहसील के आसांदा गांव में शावक पानी से भरे 60 फीट गहरे कुएं में गिर गया था। (Image Source: ANI)

गुजरात के अमरेली जिले में वन विभाग के अधिकारियों ने चार घंटे तक चले अभियान के बाद एक कुएं से सिंह के डेढ़ साल के शावक को बचा लिया। वन अधिकारी रामभाई मोरे ने बताया कि शुक्रवार को सावरकुंडला तहसील के आसांदा गांव में शावक पानी से भरे 60 फीट गहरे कुएं में गिर गया था। जानकारी मिलने के बाद रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू की गई। लगभग चार घंटे तक चले इस अभियान के बाद उसे बचा लिया गया।

मोरे ने कहा कि शावक को लकड़ी की चारपाई के सहारे कुंए से बाहर निकाला गया। हालांकि, उसे किसी तरह की चोट नहीं आई। वन अधिकारी ने बताया कि रविवार को उसकी मां से मिला दिया गया है।

गौरतलब है कि कुछ दिन पहले ही अमरेली में एक शेरनी सुअरों का पीछा करते हुए कुंए में गिर गई थी। जिसके बाद उसे भी चार घंटों की मशक्कत के बाद रस्सी के सहारे कुंए से निकाला गया था। इस बीच अच्छी बात ये रही थी कि कुंए में पानी नहीं था।

अमरेली जिला गिर क्षेत्र के पास पड़ता है। यहां एशियाई प्रजाति के शेर पाए जाते हैं। इन शेरों के संरक्षण की वजह से इनकी संख्या भी लगातार बढ़ रही है। 2015 में हुई गिनती के मुताबिक इस समय इस जंगल में 523 शेर हैं। सबसे बड़ी बात है कि इन शेरों को संख्या 27 फीसदी के हिसाब से बढ़ रही है। लेकिन इसके साथ ही उनके संरक्षण की समस्या भी सामने आ रही है।

यहां पर ऐसे कई मामले देखने को मिलते हैं, जहां शेर पास के गांव में घुस जाते हैं। इसके साथ ही कई बार शेरों को गलियों में घूमते हुए भी देखा गया है। कुछ महीने पहले एक शेरनी को अमरेली जिले के वीरपुर गांव में खुले में घूमते हुए देखा गया था। जब सुबह लोग उठे तो गांववालों ने देखा कि शेरनी गांव में घूम रही है। अंदाजा लगाया गया था कि हो सकता है कि वह खाने की तलाश में गांव में आई है। लोगों ने अपने आपको घरों में बंद करने की बजाय उसका पीछा किया। हालांकि, उससे कुछ दूरी जरूर बनाकर रखी गई। बाद में वन विभाग के अधिकारियों को इस बारे में सूचना दी, जिन्होंने पहुंचकर शेरनी को वापस जंगल में जाने के लिए मजबूर कर दिया।

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