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गुजरात: पुलिस के ‘कूलिंग सिस्‍टम’ पर डीजीपी ने दिखाई सख्‍ती, कहा- 10 दिन में हटाओ सारे AC, बताओ कहां से लाए

डीजीपी कार्यालय द्वारा 27 मार्च की तारीख में जारी की गई नोटिफिकेशन में सभी पुलिस थानों से 10 दिन के भीतर कार्रवाई कर रिपोर्ट भेजने को कहा गया है।
गाड़ी की चेकिंग करते गुजरात पुलिस के जवान। (FIle: PTI)

गुजरात पुलिस के मुखिया पी पी पांडेय ने राज्‍य के 600 से भी ज्‍यादा पुलिस थानों से एयर कंडीशनर हटाने के आदेश दिए हैं। डीजीपी के अनुसार, पुलिसकर्मी इस ‘लग्‍जरी’ के अधिकारी नहीं हैं। आदेश में कहा गया है कि एयर कंडीशनर्स से न सिर्फ बिजली का बिल बढ़ता है, बल्कि भीतर आराम से अधिकारी पैट्रोलिंग या आउटडोर ड्यूटी को नजरअंदाज करते हैं। गुजरात डीजीपी के इस आदेश के अनुसार, गर्मियों में जब पारा 40 डिग्री के पार होगा, तो गुजरात के पुलिसवाले पसीने से नहाएंगे। डीजीपी का आदेश चला तो सिर्फ फील्‍ड ड्यूटी पर मौजूद पुलिसकर्मी ही नहीं, थानों में बैठे सब-इंस्‍पेक्‍टर और इंस्‍पेक्‍टर रैंक के अधिकारी भी गर्मी का प्रकोप झेलेंगे। गुजरात डीजीपी से पहले सूरत के पुलिस कमिश्‍नर सतीश वर्मा ने पिछले सप्‍ताह पाया था कि पुलिस थानों में ‘दान’ या स्‍टाफ द्वारा ‘जुगाड़’ के जरिए एयरकंडीशनर लगा लिए गए हैं। डीजीपी कार्यालय द्वारा 27 मार्च की तारीख में जारी की गई नोटिफिकेशन में सभी पुलिस थानों से 10 दिन के भीतर कार्रवाई कर रिपोर्ट भेजने को कहा गया है।

नोटिफिकेशन में कहा गया है, ”डीजीपी कार्यालय के संज्ञान में यह बात आई है कि कई पुलिस थानों ने जनता द्वारा दान में मिले या अनाधिकारिक रूप से प्राप्‍त किए गए एसी लगवाए हैं। पुलिस थानों की रैंक को एसी कार्यालय इस्‍तेमाल करने का अधिकार नहीं है, इसका इस्‍तेमाल न सिर्फ बिजली का बिल बढ़ाता है बल्कि कई इंचार्ज अपने नॉन-एसी वाहन में आउटडोर ड्यूटी के लिए आराम छोड़ नहीं रहे हैं।”

पुलिस अधिकारियों ने कहा कि आदेश का पालन किया जाएगा। हालांकि कई पुलिसकर्मियों का तर्क है कि गुजरात जैसे गर्म राज्‍य में, एयरकंडीशनर लग्‍जरी नहीं, बल्कि जरूरत हैं। एक इंस्‍पेक्‍टर ने हिंदुस्‍तान टाइम्‍स से बातचीत में कहा, ”खासकर मई और जून के महीने में तो बिना कूलिंग सिस्‍टम के काम करना लगभग अंसभव हो जाता है। इन महीनों में तापमान 45 से 47 डिग्री सेल्सियस के बीच रहता है।”

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