December 09, 2016

ताज़ा खबर

 

सरदारपुरा दंगा: हाईकोर्ट ने 17 की उम्रकैद की सजा बरकरार रखी, 14 को बरी किया

सरदारपुरा मामले में पुलिस ने 76 आरोपियों को गिरफ्तार किया था, जिनमें से दो की मौत मुकदमे की सुनवाई के दौरान हो गयी, वहीं एक किशोर था।

Author अहमदाबाद | October 20, 2016 23:52 pm
गुजरात हाई कोर्ट (फाइल फोटो)

गुजरात उच्च न्यायालय ने गुरुवार (20 अक्टूबर) को 2002 में गोधराकांड के बाद हुए सरदारपुरा नरसंहार मामले में निचली अदालत द्वारा दोषी ठहराए गए 31 लोगों में से 14 को बरी कर दिया और 17 अन्य की उम्रकैद की सजा पर मुहर लगा दी। सरदारपुरा कांड में 33 लोगों को जिंदा जला दिया गया था। न्यायमूर्ति हर्षा देवानी और न्यायमूर्ति बीरेन वैष्णव की खंडपीठ ने 17 लोगों की उम्रकैद की सजा पर मुहर लगाई। हालांकि निचली अदालत द्वारा दोषी ठहराए गए 31 लोगों में से 14 को उच्च न्यायालय ने सबूतों की कमी के करण बरी कर दिया।

सरदारपुरा मामले में पुलिस ने 76 आरोपियों को गिरफ्तार किया था, जिनमें से दो की मौत मुकदमे की सुनवाई के दौरान हो गयी, वहीं एक किशोर था। अदालत ने जून 2009 में 73 आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए थे और मामले में मुकदमा शुरू किया। निचली अदालत ने 31 को दोषी ठहराने के अलावा 42 अन्य को बरी कर दिया था। एसआईटी ने बाद में इन 42 में से 31 लोगों को बरी किए जाने को उच्च न्यायालय में चुनौती दी। हालांकि उच्च न्यायालय ने इन 42 में से 31 लोगों को बरी करने के मेहसाणा जिला अदालत के आदेश को बरकरार रखा।

इस बीच उच्च न्यायालय ने 17 लोगों को हत्या, हत्या के प्रयास, दंगा भड़काने और आईपीसी की अन्य धाराओं के तहत दोषी ठहराया। उच्च न्यायालय ने अभियोजन पक्ष द्वारा सुनाई गयी ‘साजिश की कहानी’ को स्वीकार नहीं करने के निचली अदालत के फैसले को भी बरकरार रखा। अभियोजन पक्ष ने आरोप लगाया था कि अल्पसंख्यक समुदाय पर सुनियोजित तरीके से हमला किया गया था और गोधरा ट्रेन कांड के बाद साजिश रची गयी थी।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

First Published on October 20, 2016 11:52 pm

सबरंग