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गुजरात: गौ संरक्षण समूह का दावा-सभी गाय नहीं हैं गौ माता, यह दी दलील

संगठन के अनुसार सिर्फ भारतीय प्रजाती (ब्रीड) की गायों को ही गौ-माता माना जाएगा। जर्सी और होलस्टेन फ्रीजियन नस्ल की गायों को भी इससे बाहर रखा गया है, जबकि गुजरात में दुग्ध क्रांती लाने में सबसे बड़ा योगदान इन्हीं का रहा।
बुधवार को अहमदाबाद में निकाली गई रथ यात्रा के दौरान लगे बैनर

गुजरात के एक गौ संरक्षण संगठन ने दावा किया है कि सभी गाय “गौ-माता” की श्रेणी में नहीं आ सकती। संगठन के अनुसार सिर्फ भारतीय प्रजाती (ब्रीड) की गायों को ही गौ-माता माना जाएगा। जर्सी और होलस्टेन फ्रीजियन नस्ल की गायों को भी इससे बाहर रखा गया है, जबकि गुजरात में दुग्ध क्रांती लाने में सबसे बड़ा योगदान इन्हीं का रहा।

बुधवार को अहमदाबाद में निकाली गई रथ यात्रा के दौरान ऐसे कई होर्डिंग्स और बैनर लगाए गए थे, जिनमें विदेशी नस्ल के जानवरों को ना पालने की अपील की गई थी। अहमदाबाद म्यूनिसपल कार्पोरेशन के ऑफिस के बाहर बंसारी गौशाला द्वारा लगाए गए एक हॉर्डिंग में भारतीय और विदेशी जर्सी गायों की तस्वीरें लगी थी। इस बैनर के जरिए लोगों से सिर्फ भारतीय गाय को ही खाना खिलाने के लिए कहा गया।

बैनर में लिखे संदेश में कहा गया, ” भारतीय गौ माता का दूध, मूत्र और गौबर पवित्र है। हाल ही में एक वैक्षानिक शौध से पता चला कि इन गायों के मूत्र में सोना पाया जाता है। इसके आलावा इनके दूध में A2 प्रोटीन होता है, जो स्वास्थ्य के लिए बहुत लाभदायक है।” बैनर में जर्सी नस्ल की गाय को “विदेशी दूध देने वाला जानवर” के तौर पर दर्शाया गया और दावा किया गया कि इसका दूध, गौबर और मूत्र शुद्ध नहीं है। इसमें यह भी कहा गया कि विदेशी गायों के दूध में A1 प्रोटीन होता है, जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है।

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