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गुजरात दंगा: माया कोडनानी को मिली अमित शाह को गवाह के तौर पर कोर्ट में बुलाने की इजाजत, दी है दलील- उस दिन मैं उनसे मिली थी

माया कोडनानी ये साबित करना चाहती हैं कि 28 फरवरी 2002 को जब नरोदा गाम और नरोदा पटिया में दंगा भड़का तो वो गुजरात विधान सभा में मौजूद थीं और उसके बाद वो सोला सिविल अस्पताल और फिर घर गईं थी।
Author April 13, 2017 13:35 pm
भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह (File Photo)

गुजरात में 2002 में हुए दंगों से जुड़े नरोदा गाम नरसंहार मामले में आरोपी भाजपा की पूर्व मंत्री माया कोडनानी को अदालत ने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह समेत 14 लोगों को बचाव पक्ष के गवाह के तौर पर पेश करने और उनसे सवाल पूछताछ की इजाजत दी है। ममले की सुनवाई कर रही विशेष अदालत के जज प्रणव बी देसाई ने बुधवार (12 अप्रैल) को अपने आदेश में कहा, “याचिका में दिए गए व्यक्तियों को गवाह के रूप में सुनवाई के दौरान उचित और प्रासंगित रहने के लिए समन भेजा जाए।”  कोडनानी को नरोदा पटिया में हुए दंगे के दौरान हिंसक भीड़ का नेतृत्व करने के लिए विशेष अदालत द्वारा आजीवन कारावास की सजा सुनायी जा चुकी है। फिलहाल वो जमानत पर हैं।

जज ने अपने आदेश में इस बात को इंगित किया कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित स्पेशल इन्वेसिटिगेशन टीम (एसआईटी) ने कोडनानी की याचिका पर दिए गए समय में जवाब नहीं दायर किया। कोर्ट ने कहा कि याचिका पर आपत्ति नहीं जताए जाने के बाद आरोपी के बचाव पक्ष के गवाहों से पूछताछ के अधिकारों को संज्ञान लेते हुए ये आदेश दिया जा रहा है। जज देसाई ने आदेश में कहा कि आरोपी द्वारा दी गयी गवाहों की संख्या न तो अतार्किक है और न ही तो अन्यायपूर्ण।

Maya Kodnani, Gujrat Riot, Naroda Patia, Naroda Gam गुजरात सरकार की पूर्व मंत्री माया कोडनानी को नरोदा पटिया दंगे में आजीवन कारावास की सजा हो चुकी है। (पीटीआई फोटो)

कोडनानी ने मार्च में अदालत में याचिका दी थी कि वो अमित शाह समेत 14 लोगों को अपने बचाव में गवाह के तौर पर पेश करना चाहती हैं। कोडनानी ये साबित करना चाहती हैं कि 28 फरवरी 2002 को जब नरोदा गाम और नरोदा पटिया में दंगा भड़का तो वो गुजरात विधान सभा में मौजूद थीं और उसके बाद वो सोला सिविल अस्पताल और फिर घर गईं थी। नरोदा गाम में उस दिन 11 लोग मारे गए थे।

कोडनानी का दावा किया है कि 28 फरवरी 2002 को अमित शाह उनसे गुजरात विधान सभा में और सोला सिविल हॉस्पिटल में मिले थे। पेशे से डॉक्टर कोडनानी पर नरोदा गाम में हिंसक भीड़ के नेतृत्व का आरोप है। नरोदा पटिया में दोषी करार दिए जाने के बाद जुलाई 2014 में हाई कोर्ट के आदेश पर कोडनानी को जमानत मिली हुई है।

वीडियो: गुजरात में गौहत्या करने वालों को दी जाएगी उम्रकैद की सजा

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