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16 बेटियों के बाद जब हुआ बेटा तब गुजरात के इस दंपति ने करवाया परिवार नियोजन

गुजरात में रह रहे एक आदिवासी जोड़े के 17 बच्चे हैं। किसी तरह गांववालों ने उन्हें समझाया बुझाया जिससे अब जाकर वे लोग नसबंदी करवाने को राजी हुए।
तस्वीर का इस्तेमाल प्रतिकात्मक तौर पर किया गया है। (फोटो सोर्स- Youtube)

गुजरात में रह रहे एक आदिवासी जोड़े के 17 बच्चे हैं। किसी तरह गांववालों ने उन्हें समझाया बुझाया जिससे अब जाकर वे लोग नसबंदी करवाने को राजी हुए। यह मामला गुजरात के दाहुद जिले का है। 17 बच्चे करने वाले शख्स का नाम रमसिन है। टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक, 44 साल के रमसिन ने फोन पर बताया कि अब उसने अपनी पत्नी कन्नू संगोट की नसबंदी करवा दी है। रमसिन ने माना कि उनका परिवार लड़के की चाहत में बड़ा होता गया। कन्नू ने 16वीं लड़की को 2015 के सितंबर में जन्म दिया था। रमसिन को अपने बच्चों के जन्मदिन भी याद नहीं रहते। वहीं 17वें बच्चे के तो उन लोगों ने अबतक नामकरण भी नहीं किया है।

दूसरे लड़के की चाह में हुए और लड़के: रमसिन को उनका इकलौता लड़का 2013 में हुआ था। उसका नाम विजय है। दोनों ने सोचा कि एक और लड़का होना चाहिए। उसकी वजह से और लड़कियां हो गईं। रमसिन ने बताया कि पहले उसकी पत्नी और वह चाहते थे कि उनकी देखरेख के लिए एक लड़का होना चाहिए। लेकिन इतनी लड़कियां होने के बाद उन्हें लगा कि लड़कियों की देखभाल के लिए कम से कम दो लड़के होने चाहिए।

रमसिन एक मिट्टी के घर में रहते हैं। वह दो बीघा जमीन में मक्का और गेहूं की खेती करते हैं। गांववालों के काफी मनाने पर रमसिन ने अपनी बीवी को नसबंदी के लिए राजी किया। गांववालों ने समझाया था कि आने वाले वक्त में पढ़ाई तो दूर उसके लिए सभी बच्चों को पालना भी मुश्किल हो जाएगा। रमसिन की 16 लड़कियों में से दो की मौत हो चुकी है। वहीं दो की उसने शादी कर दी है। बाकी दो को उसने काम करने के लिए राजकोट भेज रखा है। उसकी पत्नी भी ज्यादा कमाने के उद्देश्य से उसके साथ लगी रहती है।

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