ताज़ा खबर
 

अब गुजरात के चुनावी दंगल में उतरेगी आम आदमी पार्टी

26 मार्च को गुजरात की जनता की शिकायतों और मांगों का ज्ञापन मुख्यमंत्री विजय रूपानी को अपने नेतृत्व में सौंपकर केजरीवाल चुनाव प्रचार अभियान का शंखनाद करने वाले हैं।
Author नई दिल्ली | February 13, 2017 03:13 am
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल। (EXPRESS PHOTO BY PRAVEEN KHANNA)

पंजाब और गोवा चुनाव से फुरसत और उत्साह दोनों पाकर आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल अब अपनी ऊर्जा गुजरात में लगाने की तैयारी कर रहे हैं। 26 मार्च को गुजरात की जनता की शिकायतों और मांगों का ज्ञापन मुख्यमंत्री विजय रूपानी को अपने नेतृत्व में सौंपकर केजरीवाल चुनाव प्रचार अभियान का शंखनाद करने वाले हैं। सूत्रों के मुताबिक, इसका औपचारिक निर्णय केजरीवाल के बंगलुरु से वापसी के बाद ही लिया जाएगा, लेकिन इतना तो तय है कि 2017 के अंत तक संपन्न होने वाले गुजरात विधानसभा चुनाव की कमान केजरीवाल के हाथों में ही होगी और चुनावी अभियान में केंद्रीय नेताओं की अहम भूमिका होगी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गढ़ में उन्हीं की पार्टी को शिकस्त देकर दिल्ली की सफलता को दोहराने की उम्मीदों और एक तीन स्तरीय रणनीति के साथ आम आदमी पार्टी गुजरात के चुनावी दंगल में उतर चुकी है। बीते रविवार को अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में संपन्न हुई पीएसी बैठक में इस रणनीति को रूपरेखा दी गई और गोपाल राय व कुमार विश्वास को महत्त्वपूर्ण भूमिका सौंपी गई। इसी के तहत 26 मार्च को गांधीनगर का कार्यक्रम तैयार किया गया, जिसके साथ गुजरात में आप का चुनावी बिगुल औपचारिक रूप से बजाए जाने की योजना है। हालांकि, मुख्यमंत्री के स्वास्थ्य और दिल्ली में व्यस्तता के आकलन के बाद ही उनके जाने की औपचारिक घोषणा होगी, लेकिन इसमें आप के गुजरात प्रभारी गुलाब सिंह यादव व दिल्ली के मंत्री गोपाल राय की मौजूदगी तय है और कुमार विश्वास के रहने की भी पूरी संभावना है। गुजरात चुनावों पर जनसत्ता से बातचीत में गोपाल राय ने कहा कि 26 मार्च तक रणनीति के पहले चरण का काम पूरा कर लिया जाएगा, जिसके तहत पार्टी संगठन को बूथ स्तर तक तैयार कर लेना है। उसके बाद दूसरे चरण में प्रचार अभियान शुरू होगा जिसकी कमान तो अरविंद केजरीवाल के हाथ में ही होगी, लेकिन सभी केंद्रीय नेतृत्व इसमें समय-समय पर हिस्सा लेंगे। पंजाब की तरह यहां भी प्रवासियों की भूमिका के बारे में पूछे जाने पर गोपाल राय ने कहा कि जिनका भी जुड़ाव गुजरात से है, वे आप के साथ हैं और एनआरआइ, मजदूर, गरीब व किसान सभी बदलाव चाहते हैं। गुलाब सिंह यादव ने कहा कि पंजाब की तर्ज पर ही पूरा प्रचार अभियान चलेगा और 26 मार्च से पूरी पार्टी और केंद्रीय नेताओं का फोकस गुजरात पर होगा।

हालांकि, लगभग सवा साल से गुजरात में जमीन तैयार कर रही आप के पास राज्य में ऐसे चेहरे नहीं हैं, जो पूरे गुजराती समाज को आकर्षित कर सकें। गुजरात में आप के मीडिया प्रभारी हर्षिल नायक ने इस पर हामी भरते हुए कहा कि पिछले 6-7 महीने में जैसे-जैसे जमीनी काम बढ़ रहा है, उससे स्थानीय चेहरे तो मिले हैं जो अपने-अपने क्षेत्रों में लोकप्रिय हैं, लेकिन अब जब चुनावी तैयारी अभियान मोड में प्रवेश करने वाली है तो कई नाम पूरे गुजरात का चेहरा बनकर उभरेंगे।हर्षिल और गुलाब सिंह ने जो स्थानीय चेहरे गिनाए, वे हैं- जनजातीय नेता अर्जुन रठावा, पूर्व विधायक डॉ कन्नुभाई क लसारिया, आशुतोष पटेल, राजेश पटेल, अजित लोखित, भीमा भाई चौधुरी और किशोर देसाई। ये वो चहरे हैं जिनके हाथ में सातों जोन की कमान है। गौरतलब है कि आप ने अपनी रणनीति के तहत पूरे गुजरात को सात जोनों में बांटा है।

आप की चुनावी तैयारी में बूथ स्तर का काम अहम है जिसे बूथ यात्रा के माध्यम से पूरा किया जा रहा है और इसमें जनवरी से 6000 प्रशिक्षित वॉलंटियर लगे हैं। पार्टी राज्य के सभी 43 हजार बूथों के लिए प्रभारी और सहप्रभारी नियुक्त कर रही है। हर्षिल नायक ने बताया कि 80 फीसद विधानसभा क्षेत्रों में यह काम पूरा कर लिया गया है। गोपाल राय ने बताया कि 26 मार्च तक सभी बूथ प्रभारी नियुक्त कर लिए जाएंगे। गोपालराय ने कहा कि गुजरात को कुशासन और अमित शाह गैंग से आजादी दिलानी है और यह आजादी गुजरात के हर समाज की मांग है वो चाहे पाटीदार हो, आदिवासी, दलित, महिला, किसान, नौजवान या अन्य। राज्य में मुख्यमंत्री पद के लिए कोई चेहरा तय किए जाने के सवाल पर सभी नेताओं का फिलहाल एक ही जवाब है कि वह तो आम आदमी ही होगा।

 

पीएम मोदी के 'रेनकोट' वाले बयान का स्‍मृति ईरानी ने किया बचाव, बोलीं- 'कांग्रेस ने गिराया बहस का स्‍तर'

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

  1. No Comments.