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गुजरात: 2000 के नए नोटों में 2 लाख 90 हजार की घूस लेते दो अधिकारी गिरफ्तार

पुलिस इस मामले की जांच कर रही है कि इतनी बड़ी कीमत में नए नोट कहां से आए।
Author अहमदाबाद | November 17, 2016 11:06 am
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया द्वारा जारी 2000 का नया नोट। (फोटो- ट्विटर)

जहां पूरा देश 500 और 1000 के नोट बंद होने के बाद कैश की कमी से जूझ रहा है, वहीं गुजरात में पोर्ट ट्रस्ट के दो अधिकारियों 2.5 लाख रुपए की रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। बाकी के 40 हजार रुपए दोनों में से एक के घर से बरामद हुए हैं। रिश्वत 2000 रुपए के नए नोटों में दे गई थी। बता दें, 2000 रुपए के नए नोट 10 नवंबर को ही जारी किए गए थे। नोटबंदी के बाद बैंकों से पैसे निकालने की एक सीमा तय कर दी गई है। इसके तहत एक आदमी एक सप्ताह में केवल24 हजार रुपए ही निकाल सकता है। ऐसे में अधिकारी इस मामले की जांच कर रहे हैं कि इतनी बड़ी कीमत में 2000 रुपए के नए नोट कहां से आए।

एनडीटीवी की रिपोर्ट में गुजरात के एंटी करप्शन ब्यूरो के अधिकारियों के हवाले से लिखा है कि कांडला पोर्ट ट्रस्ट के इंजीनियर पी श्रीनिवासु और एसडीओ के. कोमटेकर ने एक प्राइवेट इलेक्ट्रिकल फर्म के बकाया बिल क्लियर करने के लिए 4.4 लाख रुपए की रिश्वत मांगी थी। 15 नवंबर को दोनों अधिकारियों के बिचौलिए रुद्रेश्वर ने कंपनी से 2.5 लाख रुपए रिश्वत ली थी। एजेंसी ने जाल बिछाया था और बिचौलिये को गिरफ्तार कर लिया गया। एजेंसी को कंपनी के मालिक ने अधिकारियों द्वारा रिश्वत मांगने की जानकारी दी थी। एजेंसी को शिकायत करते हुए कंपनी के मालिक ने कहा था कि पोर्ट ट्रस्ट के अधिकारी बकाया बिल को क्लियर करने के लिए रिश्वत मांग रहे हैं। इसके बाद श्रीनिवासु के घर से 40 हजार रुपए बरामद किए गए। अधिकारियों ने बताया कि अधिकारी ने कबूला है कि उसने यह पैसे पहले लिए थे। एसीबी अधिकारी अब इसकी जांच कर रहे हैं कि नए नोट कैसे मिले।

बता दें, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 500 और 1000 रुपए के नोट बंद करने का ऐलान 8 नवंबर की शाम को किया था। इसके बाद बैंकों और एटीएम से पैसे निकालने की सीमा भी तय कर दी गई थी। शुरुआत में एटीएम से एक दिन में एक व्यक्ति केवल 2000 रुपए निकाल सकता था, जिसे बाद में बढ़ाकर 2500 कर दिया गया। वहीं खाते से बैंक के द्वारा एक व्यक्ति एक सप्ताह में 20 हजार रुपए निकाल सकता था, जिसे बढ़ाकर बाद में 24 हजार कर दिया गया था।

वीडियो में देखें- शीतकालीन सत्र: सीताराम येचुरी ने कहा- “2000 रुपए के नोट से भ्रष्टाचार दोगुना हो जाएगा”

वीडियो में देखें- जनसत्ता एक्सक्लूसिव: नोटबंदी की ज़मीनी हकीकत

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  1. Ghanshyam Das Soni
    Nov 17, 2016 at 6:34 am
    इस देश में भ्रष्टाचारियों के लिये सब कुछ संभव है तथा कुछ भी कर लो वे सुधरने वाले नहीं
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    Reply
    1. Prakash Vaswani
      Nov 17, 2016 at 3:03 pm
      although decision of change notes 500/ and 1000/ for remove corruption may be good but it depends on working system of bureaucrat and politics but at present indian public is tolerant much distress since last nine days and result seems now for bribe as in above kind and it may be every city and deptt in india has govt power to terminate their services perhaps NO.
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      Reply