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गोरखपुर: हॉस्पिटल ने शव के लिए एंबुलेंस तक नहीं दी, कहा- बच्चा तो छोटा है, टेंपो में ले जाओ

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में बीआरडी कॉलेज के हॉस्पिटल पर आरोप है कि उन्होंने बच्चों की मौत के बाद उनके शवों को घर तक पहुंचाने की भी उचित व्यवस्था नहीं की हुई थी।
गोरखपुर: बच्चे के शव को कंधे पर लेकर जाते परिवार के लोग। (AP Photo/Rajesh Kumar Singh)

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में बीआरडी कॉलेज के हॉस्पिटल पर आरोप है कि उन्होंने बच्चों की मौत के बाद उनके शवों को घर तक पहुंचाने की भी उचित व्यवस्था नहीं की हुई थी। न्यूज 18 से बात करते हुए राजेश नाम के शख्स ने बताया कि वह सिद्धार्थनगर से वहां 9 अगस्त को अपने बच्चे का इलाज करवाने के लिए आया था। राजेश के मुताबिक, उसके बच्चे की हालत बहुत खराब थी और वह बार-बार बुरी तरह कांप रहा था। जब राजेश ने हॉस्पिटल के डॉक्टरों से पूछा कि उसको क्या हुआ है तो उन्होंने कहा कि बच्चे को कुछ नहीं होगा और वह दो-चार दिन में बिल्कुल ठीक हो जाएगा। डॉक्टरों ने कहा था कि बच्चे को नियोनिया हुआ है। लेकिन आखिर में बच्चे की मौत हो गई। राजेश का आरोप है कि डॉक्टर असल में उसके बच्चे की बीमारी के बारे में ठीक से पता ही नहीं लगा पाए थे।

राजेश के मुताबिक, पहले तो हॉस्पिटल वाले उसको घर जाने ही नहीं दे रहे थे क्योंकि स्वास्थ मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह वहां आकर प्रेस कॉन्फ्रेंस करने वाले थे। राजेश ने यह भी आरोप लगाया कि डॉक्टरों ने बच्चे के शव को घर लेकर जाने की भी कोई व्यवस्था नहीं की थी। राजेश के मुताबिक, उसने एंबुलेंस मांगी तो कहा गया कि तुम्हारा बच्चा तो छोटा है, इसको तो टेंपो में भी लेकर जा सकते हो। इसके बाद राजेश अपनी पत्नी के बाद, अपने बेटे को गोदी में कपड़े से ढंककर खड़ा रहा।

राजेश ने भी ऑक्सीजन की कमी की बात कही है। उसके मुताबिक, हॉस्पिटल में बेड और डॉक्टरों की भी कमी थी। राजेश ने कहा कि वहां एक डॉक्टर 60-60 लोगों का इलाज कर रहा था। गोरखपुर के इस अस्तपाल में पिछले पांच दिनों में 60 से अधिक बच्चों की मौतों को लेकर विस्तृत रिपोर्ट भी मांगी गई है।

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  1. G
    gurdeep jolly
    Aug 13, 2017 at 10:04 am
    आईटी इस वैरी सीरियस एंड शामेफुल तहत ६० चिल्ड्रन दिए इन ओने हॉस्पिटल इन ा शार्ट टाइम. इंडिया का मेडिसिन दुनिया में अच्छा समझा जाता है. पर देश में कोई विवसथा नहीं है. जय भारत mata
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    सबरंग