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Golden Baba: 12.5 किलो सोने के जेवर और 27 लाख की घड़ी पहन कांवड़ यात्रा पर निकले हैं ये बाबा

उनके बेड़े में एक मिनी ट्रक है जिसके पीछे गाड़‍ियों में करीब 200 अनुयायी साथ चलते हैं।
Golden Baba के साथ 25 पुलिसवालों का घेरा रहता है। (Source: Facebook)

कभी दिल्‍ली में कारोबारी रहे एक साधु की हरिद्वार जाने वाले कावंडियों के बीच खूब चर्चा है। ‘Golden Baba’ के नाम से मशहूर इन साधु के दर्शन कावंडिये करना चाहते हैं। हो भी क्‍यों न, बाबा चलती-फिरती सोने की दुकान जो हैं। उनके बदन पर सोने के लॉकेट, महंगे रत्‍नों से जड़े कड़े अौर अंगूठियों का वजह ही 12 .5 किलो है। बाजार में इतने सोने की कीमत लगभग 4 करोड़ रुपए बैठती है। इसके अलावा बाबा 27 लाख रुपए की हीरे की घड़ी भी पहनते हैं जो कि खासतौर पर बनाई गई है। बाबा की लोकप्रियता अब इतनी बढ़ गई है कि विभिन्‍न शहरों से गुजरने पर लोग उनकी एक झलक पाने को घंटों इंतजार करते हैं। Golden Baba की सुरक्षा भी आसान काम नहीं है। उनके साथ 25 पुलिसवालों का घेरा रहता है। बुधवार को बाबा मेरठ पहुंच गए। उनके बेड़े में एक मिनी ट्रक है जिसके पीछे गाड़‍ियों में करीब 200 अनुयायी साथ चलते हैं। दिल्‍ली में काराेबारी रहे बाबा हर साल श्रावण के महीने में कांवड़ यात्रा पर जरूर जाते हैं।

बाबा के अनुयायियों में से एक, सुनीत अंटिल कहते हैं, ”बाबा के साथ हमेशा दो पुलिसकर्मी सुरक्षा के लिए रहते हैं। यात्रा के दौरान पुलिसकर्मियों की संख्‍या 25 तक पहुंच जाती हैं क्‍योंकि बाबा के लिए भारी भीड़ जुटती है। बाबा का असली नाम सुधार कुमार मक्‍कड़ है। वे कहते हैं, ”यह मेरी 24वीं कांवड़ यात्रा है। मैं दिल्‍ली में कपड़ों का व्‍यापार करता था, लेकिन एक दिन मैंने महसूस किया कि मैंने ढेरों पाप किए हैं। प्रायश्चित करने के लिए मैंने साधु बनने का फैसला किया और जरूरतमंदों की मदद करना शुरू कर दिया। हर साल, मैं कम से कम 200 लड़कियों की शादी का पूरा खर्च वहन करता हूं। जो सोना मैं पहनता हूं, उन पर देव-देवियों की तस्‍वीरें उकेरी गई हैं। यह सब मुझे मेरे अनुयायियों की तरफ से मिला है।” बाबा इतना सोना क्‍यों पहनते हैं, ये पूछने पर वह बताते हैं कि उन्‍हें बचपन से ही सोना पंंसद था। कमाई करते हुए ही उन्‍होंने काफी सोना खरीद लिया था। अब वह दान पर जीवित रहते हैं, लेकिन दान में भी ज्‍यादातर सोना ही मिलता है क्‍योंकि उनके अनुयायी जानते हैं कि उन्‍हें क्‍या पंसद है।

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बाबा अपने बदन से सोना बड़ी मुश्किल से उतारते हैं। वे कहते हैं, ”मुझे पता है कि इतना सारा सोना पहनना मेरे लिए खतरनाक है, लेकिन जब पुलिस सहयोग करने को तैयार है तो डरने की क्‍या बात।”

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