March 27, 2017

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कॉल सेंटर घोटाले के सरगना का ‘उस्ताद’ भी दबोचा

लाखों डॉलर के फर्जी कॉल सेंटर रैकेट के कथित सरगना सागर ठक्कर उर्फ शैगी के ‘उस्ताद’ को गिरफ्तार कर लिया गया है। यह व्यक्ति मुंबई का एक उद्योगपति है।

Author नई दिल्ली | October 18, 2016 02:56 am

लाखों डॉलर के फर्जी कॉल सेंटर रैकेट के कथित सरगना सागर ठक्कर उर्फ शैगी के ‘उस्ताद’ को गिरफ्तार कर लिया गया है। यह व्यक्ति मुंबई का एक उद्योगपति है। इस फर्जी कॉल सेंटर के जरिए भारतीय टेली-कॉलरों की मदद से अमेरिकी करदाताओं से धन की ठगी की जाती थी। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने नाम उजागर न करने की शर्त पर कहा कि जगदीश कनानी नामक 33 साल के व्यक्ति को रविवार रात उपनगर बोरीवली से गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार, ठक्कर इस समय फरार है। उसने अमदाबाद और मुंबई में कनानी के मातहत काम किया था। तब उसने और उसके कुछ साथियों ने अपने ‘गुरु’ से व्यापार की तरकीबें सीखी थीं। कनानी ने विदेश में एक बीपीओ कंपनी में काम करना शुरू किया था। वहीं उसने आउटसोर्सिंग कंपनियों से धन संग्रहण के तरीके सीखे थे। इसके बाद उसने अपनी जानकारी को दुरुस्त किया और फिर अमेरिकी पीड़ितों से धन की उगाही करने के लिए देशभर में फर्जी कॉल सेंटर स्थापित किए।

उन्होंने कहा कि गिरोह के गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के दौरान मिले सुरागों के बाद से कनानी पुलिस की रडार पर आ गया था। कनानी की गिरफ्तारी ठाणे पुलिस के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। इससे पुलिस को इस पूरे तंत्र की उन जड़ों तक जाने में मदद मिलेगी, जो गुड़गांव, अमदाबाद और ठाणे जैसे शहरों में फैली है। अधिकारी ने कहा कि देशभर में फर्जी कॉल सेंटर स्थापित करने के पीछे कनानी का दिमाग था। ऐसा ही एक कॉल सेंटर मीरा रोड पर था, जिसपर ठाणे पुलिस ने इस माह की शुरुआत में छापा मारा था। कनानी, ठक्कर को उसके कारोबार स्थापित करने में मदद देने का संदिग्ध है। पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘अब चूंकि हमने उसे गिरफ्तार कर लिया है, तो हम ठक्कर और उन अन्य लोगों का भी पता लगा लेंगे, जिन्हें उसने मार्गदर्शन दिया।’

अपराध शाखा (ठाणे पुलिस) ने अब तक मीरा रोड पर कथित तौर पर अवैध रूप से संचालित हो रहे सात कॉल सेंटरों पर छापेमारी कर 70 लोगों को गिरफ्तार किया है।
अन्य 630 लोगों को भारतीय दंड संहिता की धारा 384 (रंगदारी), 419 (वेश बदलकर धोखाधड़ी), 420 (धोखेबाजी) और आइटी कानून और टेलीग्राफ कानून की विभिन्न धाराओं के तहत नामजद किया गया है। ये कॉलर अमेरिका में लोगों को कॉल करते थे और उनसे अमेरिकी लहजे में बात करते हुए खुद को अमेरिकी आंतरिक राजस्व सेवा के अधिकारी बताते थे। पुलिस दलों ने अमदाबाद में भी पांच कॉल सेंटरों पर छापेमारी करके उन्हें बंद कराया है।
इस जांच के दौरान ठाणे पुलिस को अमदाबाद में अवैध कॉल सेंटर चलाने के मामले में गुजरात के एक वरिष्ठ आइपीएस अधिकारी के बेटे की कथित संलिप्तता का भी संदेह है।

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First Published on October 18, 2016 2:55 am

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