ताज़ा खबर
 

डॉक्टरों ने दूसरे मरीजों को लगाए गए ‘ब्रेन डेड’ युवक के चार अंग

जयपुर के सवाई मानसिंह चिकित्सालय के चिकित्सकों ने पोलीट्रॉमा की गहन इकाई में भर्ती 22 साल के एक मरीज के बे्रन डेड घोषित होने के बाद परिजनों की सहमति से उसके दो गुर्दे, जिगर और दिल अन्य मरीजों में प्रतिरोपित किए।
Author जयपुर | July 7, 2016 04:13 am
चिकित्सक से पूछताछ की जा रही है कि प्रतिबंध के बावजूद उसने शराब का जुगाड़ कैसे कर लिया।

जयपुर के सवाई मानसिंह चिकित्सालय के चिकित्सकों ने पोलीट्रॉमा की गहन इकाई में भर्ती 22 साल के एक मरीज के बे्रन डेड घोषित होने के बाद परिजनों की सहमति से उसके दो गुर्दे, जिगर और दिल अन्य मरीजों में प्रतिरोपित किए। सवाई मानसिंह चिकित्सालय के अंग प्रतिरोपण विभाग के संयोजक डॉ. विनय तोमर ने बताया कि गत शनिवार को सड़क हादसे में घायल नवीन कुमार मीणा को अस्पताल में भर्ती करवाया गया था।

उपचार के दौरान चिकित्सकों ने उसे ‘ब्रेन डेड’ घोषित कर दिया। तोमर ने बताया कि चिकित्सकों और अंग प्रतिरोपण के प्रति जागरूकता बढ़ाने वाले एक स्वयंसेवी संगठन ‘मोहन फाउंडेशन जयपुर सिटिजन फोरम’ ने ब्रेन डेड घोषित मीणा के परिजनों से बातचीत की। इस पर उसके परिजन उसके अंगदान करने के लिए तैयार हो गए। परिजनों की सहमति के बाद मीणा के चार अंग- दो गुर्दे, जिगर, दिल निकाल कर उनका प्रतिरोपण इस बीमारी से जूझ रहे रोगियों में किया गया।

तोमर के अनुसार सवाई मानसिंह अस्पताल में भर्ती गुर्दे के रोगियों को गुर्दे, जयपुर के महात्मा गांधी अस्पताल में भर्ती जिगर के एक रोगी को जिगर का प्रतिरोपण किया गया जबकि दिल दिल्ली के ओखला स्थित फोर्टिस अस्पताल हवाई मार्ग से भेजा गया है जहां भर्ती एक रोगी कोे प्रतिरोपित किया जाएगा। मीणा के पिता शंकरलाल मीणा ने कहा कि बच्चे के अंगों का दान कर वह गौरवान्वित महसूस कर रहे हैंं क्योंकि उसके अंगों से चार लोगों को नई जिंदगी मिली है। उन्होंने कहा- बेटा मेरा मरा नहीं,। वह अमर हो गया। राजस्थान के चिकित्सा मंत्री राजेंद्र राठौड़ ने ब्रेन डेड से संबंधित मामलों में सभी जरूरी जांच व दवाइयां मुफ्त मुहैया कराने के निर्देश दिए।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

  1. No Comments.