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लिंग जांच करते पकड़ा गया डॉक्टर दंपति, दो भाजपा विधायकों ने नहीं होने दिया गिरफ्तार

सोमवार शाम पीसीपीएनडीटी के दस्ते ने यहां के जीवन नर्सिंग होम में डॉ. जयंत शर्मा और उनकी पत्नी को लिंग जांच करते पकड़ा था।
घटना के दौरान अलीगढ़ के जिलाधिकारी समेत कई अधिकारियों ने भाजपा विधायकों को मामले में दखल देने पर रोका, लेकिन उन्होंने उनकी एक न सुनी।

उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में मंगलवार रात भ्रूण की लिंग जांच करते एक डॉक्टर दंपति को रंगे हाथों पकड़ा गया है। छापेमारी की यह कार्रवाई राजस्थान सरकार के प्री कंसेप्शन एंड प्री-नैटल डायग्नोस्टिक टेक्नीक सेल (पीसीपीएनडीटी) के दस्ते ने की। मगर भाजपा के स्थानीय विधायक संजीव राजा और अनिल पराशर के हस्तक्षेप की वजह से उन्हें हिरासत में नहीं लिया जा सका। इतना ही नहीं, दोनों विधायकों ने इस दौरान पीसीपीएनडीटी के अधिकारियों को न तो अल्ट्रासाउंड की मशीनें जब्त करने दीं और न ही आरोपी डॉक्टरों को गिरफ्तार कराने दिया। सू्त्रों के मुताबिक, अलीगढ़ के जिलाधिकारी समेत कई अधिकारियों ने भाजपा विधायकों को ऐसा करने पर रोका था, लेकिन उन्होंने पीसीपीएनडीटी के अधिकारियों को उनका काम नहीं करने दिया।

सोमवार शाम पीसीपीएनडीटी के दस्ते ने यहां के जीवन नर्सिंग होम में डॉ. जयंत शर्मा और उनकी पत्नी को लिंग जांच करते पकड़ा था। महिला तो उस दौरान अस्पताल से फरार हो गई, लेकिन स्थानीय पुलिस डॉ. शर्मा और उनकी अल्ट्रासाउंड मशीन को पुलिस थाने ले आई थी। भाजपा के दोनों विधायक भी इसके बाद वहां पहुंच गए थे, जिनके साथ एसपी सिटी, जिलाधिकारी और बाकी अधिकारी भी मौजूद थे। इंडियन एक्सप्रेस से हुई बातचीत में अलीगढ़ के जिलाधिकारी ऋषिकेश भास्कर याशोद ने बताया, “हमने सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों को बताया था कि विधायक इस कानूनी मसले में दखल दे रहे थे। कानूनी प्रक्रिया को लेकर हमने विधायकों को मनाने की कोशिश की थी, लेकिन उन्होंने एक भी न सुनी।” उन्होंने यह भी कहा कि पीसीपीएनडीटी के अधिकारियों ने उनसे इस मामले में मदद की उम्मीद जताई थी। उन्होंने इस बाबत उनके साथ एक जिला अधिकारी की रैंक का अफसर उनके साथ भेजा था, जिन्होंने डॉक्टर दंपति को भूण्र की लिंग जांच करते रंगे हाथों पकड़ा था।

वहीं, डॉ. शर्मा ने आरोपों को खारिज किया और कहा कि पीसीपीएनडीटी का दस्ता जबरन अस्पताल में घुसा था। उन्होंने उनकी अल्ट्रासउंड मशीन और डिजिटल वीडियो रिकॉर्डर (डीवीआर) भी जब्त कर लिया। डॉक्टर के मुताबिक, “वहां कुछ भी गलत नहीं हुआ था। मामले की जानकारी पर भाजपा विधायक वहां पहुंचे थे। दो बजे के आसपास मुझे थाने से जाने दिया गया था और मेरे खिलाफ कोई कार्रवाई भी नहीं हुई। मैं एक सर्जन हूं और अस्पताल का संचालक हूं। जबकि मेरी पत्नी स्त्री रोग विशेषज्ञ हैं।” राजस्थान में पीसीपीएनडीटी से जुड़े अधिकारी नवीन जैन से जब इस बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि एक पुलिस इंस्पेक्टर और सेल के कॉडिर्नेटर के नेृतृत्व में एक टीम अलीगढ़ भेजी गई थी। लेकिन बीच में दखल की वजह से वे अपना ऑपरेशन पूरा नहीं कर सकी।

विधायक पराशर ने कहा कि डॉक्टर झूठे केस में न फंसाया जाए, इसलिए वे थाने गए थे। राजस्थान की टीम ने अल्ट्रासाउंड मशीन और डीवीआर जब्त कर लिया है। अगर टेस्ट हुआ था, तो उन्हें पहले जांच करनी चाहिए थी। वे डॉक्टर को कैसे गिरफ्तार कर सकते हैं? वहीं, दूसरे विधायक राजा का कहना है कि इस प्रकार की कोई जांच में अलीगढ़ में नहीं हुई और न ही हम इस तरह की चीज यहां होने देंगे। अब सिर्फ कोर्ट ही इस मामले में फैसला लेगा। उधर, नवीन जैन ने मंगलवार को कहा कि उनकी टीम आरोपी डॉक्टरों के खिलाफ एक अरेस्ट वारंट जारी करेगी। डॉक्टर दंपति समेत तीन लोग इस मामले में गिरफ्तार कर कोर्ट में कल पेश किए जाएंगे।

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