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देवबंद उपचुनाव: आखिरी दिन 12 उम्मीदवारों ने भरा पर्चा, 13 फ़रवरी को मतदान

विधानसभा की देवबंद सीट के उप चुनाव के लिए बुधवार को आखिरी दिन कुल 12 उम्मीदवारों ने रिटर्निंग ऑफिसर एसडीएम देवबंद के समक्ष अपने नामांकन पत्र दाखिल किए।
Author देवबंद (सहारनपुर) | January 27, 2016 18:43 pm
दारुल उलूम देवबंद (फोटो – विकिपीडिया)

विधानसभा की देवबंद सीट के उप चुनाव के लिए बुधवार को आखिरी दिन कुल 12 उम्मीदवारों ने रिटर्निंग ऑफिसर एसडीएम देवबंद के समक्ष अपने नामांकन पत्र दाखिल किए। नामांकन पत्र दाखिल करने वालों में भाजपा उम्मीदवार रामपाल सिंह पुंडीर भायला, सपा उम्मीदवार मीना सिंह भायला, कांग्रेस उम्मीदवार माविया अली, निदर्लीय उम्मीदवार किरण जाटव, शीषपाल गुर्जर, वीर प्रताप सिंह भायला, सुधीर कुमार, अमित कुमार, जहीर फातिमा, शाहिद सुहेल, विनोद तेजयान एवं शराफत अली शामिल है। यहां मतदान 13 फरवरी को होना है।

भाजपा उम्मीदवार रामपाल सिंह के नामांकन के दौरान उनके साथ भाजपा नेता एवं योग गुरु डा. वरुणवीर, भाजपा सांसद राघव लखनपाल शर्मा, भाजपा जिलाध्यक्ष मानवीर पुंडीर, भाजपा प्रांतीय मंत्री जसवंत सैनी, भाजपा विधायक सुरेशपाल राणा, विधायक राजीव गुंबर, राजकुमार त्यागी आदि पार्टी कार्यकर्ता शामिल थे। कांग्रेस उम्मीदवार माविया अली के साथ पूर्व विधायक इमरान मसूद मौजूद रहे।

निदर्लीय उम्मीदवार के रूप में नामांकन दाखिल करने वाली किरण जाटव मेरठ के कंकरखेडा की निवासी है और उन्होंने 2012 का विधानसभा चुनाव सपा के टिकट पर हापुड सुरक्षित सीट से लडा था। जिसमें वह बुरी तरह पराजित हो गई थी। देवबंद सीट पर करीब 65 हजार दलित वोट है। इस उपचुनाव में बसपा ने अपना उम्मीदवार नहीं उतारा है। संभवत: इसी कारण किरण जाटव देवबंद उप चुनाव में भाग्य आजमाने आई है। सपा की ओर से नामांकन पत्र दाखिल करने वाली मीना सिंह सपा विधायक एवं राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार राजेंद्र सिंह राणा की पत्नी है। राजेंद्र राणा का 26 अक्टूबर 2015 को कैंसर की बीमारी के चलते निधन हो गया था। उनके निधन के कारण देवबंद सीट रिक्त हो गई थी।

भाजपा उम्मीदवार 52 वर्शीय रामपाल पुंडीर सपा उम्मीदवार मीना सिंह के ही गांव भायला के ही निवासी है। मीना सिंह 1995 से 2000 तक देवबंद की ब्लाक प्रमुख रही है। भायला कलां निवासी रामपाल पुंडीर 1986 से 1994 तक राश्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक रहे। बाद में उन्होंने प्रचारकी छोडकर भाजपा में शामिल हो गए। वर्श 2002 में उन्होंने भाजपा के टिकट पर चुनाव लडा। लेकिन अपने ही गांव भायला खुर्द निवासी राजेंद्र राणा (बसपा) से करीब छह हजार वोटो से चुनाव हार गए। तब रामपाल पुंडीर को भाजपा के सीटिंग विधायक सुखबीर पुंडीर का टिकट काटकर उम्मीदवार बनाया गया था। उस वक्त राजनाथ सिह प्रदेष के मुख्यमंत्री थे। भाजपा ने 2007 और 2012 के चुनावों में रामपाल पुंडीर को भुला दिया और क्रमष: पूर्व विधायक शषिबाला पुंडीर और भाजपा जिलाध्यक्ष राजपाल चैधरी को आजमाया।

यह अजीब संयोग है कि इस उप चुनाव में भाजपा उम्मीदवार रामपाल पुंडीर का मुकाबला उन राजेंद्र राणा की पत्नी मीना सिंह से है। जिनके खिलाफ वह अपना पहला विधानसभा चुनाव इसी सीट से 2002 में लड़ चुके है। खास बात यह है कि कांग्रेस उम्मीदवार और देवबंद नगर पालिका अध्यक्ष माविया अली की पत्नी जहीर फातिमा और उनके साले शाहिद सुहेल भी उन 12 लोगों में शामिल है, जिन्होंने आज अपने नामांकन पत्र दाखिल किए। माविया अली की पत्नी और उनके साले शाहिद सुहेल ने निदर्लीय उम्मीदवार के रूप में भी अपना-अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। उधर अब भायला गांव से ही तीन उम्मीदवार भाजपा के रामपाल पुंडीर, सपा की मीना राणा और निदर्लीय उम्मीदवार वीर प्रताप सिंह मैदान में है। तीन उम्मीदवारों का एक ही गांव से होने से अब चुनाव और ज्यादा दिलचस्प और रोचक बन गया है।

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