December 11, 2016

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नोटबंदी का विरोध कर रही राजनीतिक दलों को लेकर नीतेश ने कहा- मैं इसकी चिन्ता नहीं करता

राजद और कांग्रेस से इतर विमु्रदीकरण को साहसिक कदम बताते हुए इसका लगातार समर्थन करने वाले जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि वर्तमान समय में राजनीतिक मुद्दों पर नजरिया रखने पर अनर्गल राजनीतिक व्याख्या की जाती है।

Author पटना | November 29, 2016 09:47 am
नीतीश कुमार

बिहार में महागठबंधन के घटक दलों राजद और कांग्रेस से इतर विमु्रदीकरण को साहसिक कदम बताते हुए इसका लगातार समर्थन करने वाले जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि वर्तमान समय में राजनीतिक मुद्दों पर नजरिया रखने पर अनर्गल राजनीतिक व्याख्या की जाती है। कुमार ने नोटबंदी के विरोध में वामदल, कांग्रेस और राजद के ‘भारत बंद’ एवं प्रदर्शन से स्वयं को अलग रखा था। नीतीश ने जदयू के राष्ट्रीय महासचिव और बिहार विधानमंडल के पार्टी के उपनेता श्याम रजक के सरकारी आवास पर पार्टी विधायक दल की बैठक को सम्बोधित करते हुए कहा कि आज कल राजनीतिक मुद्दों पर नजरिया रखने पर अनर्गल राजनीतिक व्याख्या की जाती है। मैं इसकी चिन्ता नहीं करता। बहुत लम्बे अर्से से मेरे राजनीतिक जीवन पर प्रहार करके उसे खत्म करने का अनवरत प्रयास जारी हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्तर के मुद्दे यथा संप्रग सरकार के समय भाजपा शासित राज्य जीएसटी का विरोध कर रहे थे, उस समय भी उन्होंने राज्य हित में इसे लागू करने का समर्थन किया था। दौर बदला है जो जीएसटी का विरोध कर रहे थे आज वे जीएसटी लागू किये जाने का समर्थन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि दौर बदला है जो जीएसटी का विरोध कर रहे थे आज वे इसका श्रेय लेना चाहते हैं। राष्ट्रीय सुरक्षा के जुडेÞ मुद्दे, कालाधन पर कार्रवाई किये जाने की बात और जीएसटी जैसे राष्ट्रीय हित के मुद्दे पर अपना नजरिया पेश करने के बाद कुछ एक लोग राजनीतिक व्याख्या में लग जाते हैं।

नीतीश ने जोर दिया है कि केंद्र को बिना समय गवाएं बेनामी संपत्ति पर भी प्रहार करना चाहिए। इसमें किसी प्रकार की देरी से कालाधन के खिलाफ वांछित परिणाम नहीं आ पाएगा। इसमें देरी से इसके पीछे मंशा सही नहीं थी यह भी परिलक्षित होगा। नीतीश ने यह भी कहा कि हमने कालाधन पर केन््रद सरकार की कार्रवाई का स्वागत करते हुए इसकी पुरी तैयारी न किये जाने के कारण जनता को होने वाली परेशानी की बात भी उठायी है और उनकी पार्टी संसद से लेकर विभिन्न मंच पर गंभीरता से इसे उठाती रही है। उन्होंने कहा कि नोटबंदी पर्याप्त कदम नहीं है। जबतक सभी तरह की बेनामी सम्पति पर प्रहार नहीं होगा तब तक कालाधन पूरी तरह उजागर नहीं हो सकता।

हाल में बिहार में शुरू की गयी अपनी निश्चय यात्रा की चर्चा करते हुए नीतीश कुमार ने कहा कि इस यात्रा के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि जनमानस ने इसके प्रभाव को गंभीरता से ग्रहण किया है एवं स्वागत किया है। इससे आम लोगों के जीवन में चैन व खुशी आयी है।
उन्होंने कहा कि नोटबंदी एवं बेनामी सम्पति पर प्रहार के साथ अनैतिक व्यापार शराब पर अंकुश लगाकर ही देश और समाज का निर्माण हो सकता है।

इससे पूर्व बिहार विधान परिषद स्थित अपने कक्ष में पत्रकारों से बातचीत के दौरान नीतीश ने कहा कि यदि नोटबंदी एवं बेनामी सम्पति पर प्रहार के साथ अनैतिक व्यापार शराब पर अंकुश लगाया जाता है तो विकास के मामले में निश्चित तौर पर भारत चीन के आगे जाएगा।
उन्होंने कहा कि कुछ पढे लिखे लोग अपने एक-दो पैग की लत के चक्कर में शराबबंदी के खिलाफ कुछ-कुछ लिखकर युवा पीढी को भ्रमित करने में लगे हुए हैं।

नीतीश ने पूर्व में चीन में अफीम की लत की चर्चा करते हुए कहा कि सामाजिक आंदोलन के जरिए इससे निकलने के बाद उक्त देश आज तरक्की कर कहां पहुंच गया। नीतीश ने आरोप लगाया केंद्र की भाजपा सरकार की उन्मादी राजनीति, समाज को बांटने की प्रवृति, संघीय ढांचे पर प्रहार, असहिष्णुता के खिलाफ जदयू लगातार संघर्ष करता रहा है। विपक्ष के आचरण की चर्चा करते हुए नीतीश ने कहा कि जो मामले राज्य से जुड़े नहीं है वैसे मामले को सदन में उठाकर महागठबंधन पर प्रहार करने की विपक्ष की कार्यप्रणाली न केवल अनैतिक है बल्कि राजनैतिक मर्यादा के विपरीत है। सही नहीं थी यह भी परिलक्षित होगा।

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First Published on November 29, 2016 9:46 am

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