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जाम से बेहाल हुई दिल्ली, प्रतिबंध के खिलाफ सड़क पर उतरे डीजल टैक्सी चालक

चालकों ने चेतावानी दी है कि अगर उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वो और भी सड़कों पर जाम लगाएंगे।
Author नई दिल्ली | May 3, 2016 04:19 am
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के विरोध में प्रदर्शन करते डीजल टैक्सी चालक। (पीटीआई फोटो)

सुप्रीम कोर्ट की ओर से राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में डीजल टैक्सियों पर प्रतिबंध के खिलाफ दक्षिण-पश्चिम दिल्ली में रजोकरी टोल बूथ के पास सैकड़ों टैक्सी चालकों ने प्रदर्शन किया। इससे राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या आठ पर सोमवार सुबह कई किलोमीटर तक जाम लगा। इससे गुड़गांव की तरफ जाने वाले लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ी। जाम खुलवाने के लिए सीआरपीएफ बुलानी पड़ी।

वहीं पुलिस ने डीएनडी पर जाम लगाने वाले 15 टैक्सी चालकों के खिलाफ मामला दर्ज कर आठ टैक्सियां जब्त कर लीं। दिल्ली के परिहवन मंत्री गोपाल राय ने कहा है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश का सबको पालन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि सभी डीजल कैब को सीएनजी में बदलना होगा। उन्होंने टैक्सी चालकों के प्रदर्शन को राजनीति प्रेरित होने की आशंका जताई।

प्रतिबंध और गिरफ्तारी के विरोध में टैक्सी चालकों ने जंतर-मंतर और पंतमार्ग पर प्रदर्शन किया। चालकों ने चेतावानी दी है कि अगर उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वो और भी सड़कों पर जाम लगाएंगे। टैक्सी चालकों का कहना है कि कोर्ट के फैसले की वजह से उनकी रोजी-रोटी छिन गई है।

उधर, नोएडा सेक्टर-20 पुलिस ने टैक्सी चालकों के खिलाफ आइपीसी की धारा 341 के तहत एफआइआर दर्ज की है। पुलिस का कहना है कि अगर दोबार ऐसी हरकत हुई तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। दिल्ली और गुड़गांव को जोड़ने वाले एनएच-आठ पर कार्यालय जाने वाले हजारों लोगों को सोमवार सुबह परेशानी का सामना करना पड़ा। यातायात हेल्पलाइन पर परेशान यात्रियों के फोन लगातार आते रहे।

वहीं डीएनडी पर सुबह 11 बजे के आसपास स्थिति उस समय और खराब हो गई जब प्रदर्शनकारियों ने रिंग रोड पर आश्रम चौक के पास महरानी बाग जाने वाले दोनों मार्गों पर जाम लगा दिया। टैक्सी चालकों के इस सड़क जाम से धौलां कुआं, कापसहेड़ा और महरौली पर भी यातायात बाधित रहा। इससे कई घंटों तक अव्यवस्था की स्थिति बनी रही। इससे सराय काले खान, आश्रम, पीजीडीएवी कॉलेज के पास, नेहरू नगर, लाजपत नगर और मूलचंद से एम्स तक यातायात बाधित रहा। यातायात अधिकारियों ने बताया कि लाला लाजपत राय मार्ग, डिफेंस कॉलोनी और मथुरा रोड समेत कई वैकल्पिक मार्गों पर भी लोगों को कई घंटों तक जाम का सामना करना पड़ा।

दिल्ली के परिवहन मंत्री गोपाल राय ने अदालत के आदेश पर बिना मौका गंवाए इंफोर्समेंट विभाग को एक मई को ही डीजल से चलने वाली टैक्सियों पर कार्रवाई का आदेश दे दिया था। प्रदर्शनकारी टैक्सी चालकों में वे भी शामिल हैं, जिनके पास अखिल भारतीय पर्यटक परमिट है। इन्हें राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र से बाहर परिचालन करने की स्थिति में प्रतिबंध से छूट है।

सुप्रीम कोर्ट ने डीजल से चलने वाली टैक्सियों को सीएनजी में बदलने की समय सीमा दो बार बढ़ाने के बाद शनिवार को उन्हें एक और मौका देने से इनकार करते हुए एक मई से शहर में डीजल टैक्सी पर प्रतिबंध लगा दिया था। दिल्ली परिवहन विभाग के मुताबिक, राष्ट्रीय राजधानी में करीब 60 हजार टैक्सियां पंजीकृत हैं। इनमें से 27 हजार डीजल से चलती हैं। पिछले दो महीने में डीजल से चलने वाली करीब दो हजार टैक्सियों को ही सीएनजी में बदला गया है।

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