December 02, 2016

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बाहर से ज्यादा प्रदूषित है घर के भीतर की हवा

वायु प्रदूषण के लिहाज से दिल्ली की हालत दुनिया के कई बड़े शहरों में सबसे खराब है। चौंकाने वाली बात यह है कि घरों के भीतर की हवा बाहर की हवा से ज्यादा प्रदूषित है।

Author नई दिल्ली | October 22, 2016 03:49 am

वायु प्रदूषण के लिहाज से दिल्ली की हालत दुनिया के कई बड़े शहरों में सबसे खराब है। चौंकाने वाली बात यह है कि घरों के भीतर की हवा बाहर की हवा से ज्यादा प्रदूषित है। यह जानकारी वायु प्रदूषण पर हुए अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन एअरोथॉन में दी गई। इंडियन पॉल्यूशन कंट्रोल एसोसिएशन की ओर से आयोजित इस सम्मेलन में वायु प्रदूषण के स्तर को ठीक करने के लिए प्रस्ताव पारित किया गया और कई सुझाव भी दिए गए। इसमें बताया गया कि सरकार व सीपीसीबी (केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड) इस दिशा मे तेजी से आगे बढ़ रहे हैं कि कैसे घरों के भीतर की हवा का गुणवत्ता स्तर बेहतर किया जाए। इसके लिए तकनीकी मदद से 68 शहरों सें काम किए जाने की सरकार की योजना है। विशेषज्ञों ने बताया कि घरों के भीतर की हवा बाहरी हवा से दस गुना अधिक प्रदूषित होती है, लेकिन इसके कारणों की ओर कभी गौर ही नहीं किया जाता। लिहाजा न तो इसके लिए कोई मानक बनाए गए न ही इसे नियंत्रित करने के उपायों पर गौर किया गया। इसमें घरों के भीतर खाना बनाने से उठने वाला धुआं, कीड़े मकोड़े, घरों मे पोंछा लगाने में इस्तेमाल होने वाले केमिकल, डिटरजेंट, पालतू जानवरों के प्रदूषक, पेंट, घरों को बनाने में इस्तेमाल होने वाले रासायनिक पदार्थ, सूक्ष्म कीटाणु, वायरस, जीवाणु, सूक्ष्म धूल के कण, सिगरेट का धुआं और गैस वगैरह अहम हैं।


पेशागत व पर्यावरणीय स्वास्थ्य केंद्र के मुखिया डॉ टीके जोशी ने कहा कि आमतौर से बाहर की हवा के बारे में ही बात की जाती है, लेकिन घरों के भीतर भी हालात खराब हैं। लोग घरों में ताजगी लाने के नाम पर जो रूम फे्रशनर इस्तेमाल करते हैं, उनमें भी विषैले रसायन का इस्तेमाल होता है। हर कंपनी एयर फे्रशनर में मिथाइल अल्कोहल का उपयोग करती है। जो भले ही उस वक्त ताजगी का अहसास कराती है, लेकिन इसके दूरगामी प्रभाव घातक हो सकते हैं।
सीपीसीबी के सदस्य सचिव एबी अबोलकर ने कहा कि केंद्र सरकार ने घरों के भीतर की हवा की गुणवत्ता सुधारने की पहल की है। सीपीसीबी भी हवा की गुणवत्ता संबंधी राष्ट्रीय योजना में घरों के भीतर की हवा के स्तर को अनिवार्य रूप से शामिल करने की योजना पर काम कर रहा है। उन्होंने बताया कि सरकार 68 शहरों में गुणवत्ता की इस योजना को अमल करने की तैयारी में है। इस मौके पर पैनासोनिक के महाप्रबंधक सैयद मुनीस अल्वी ने कहा कि आज के समय में कई घरों व दफ्तरों में एसी के चलते वेंटीलेशन की सुविधा नहीं है। ऐसे में घरों व दफ्तरों के भीतर की हवा की गुणवत्ता मापना व उसका उपाय करना काफी अहम है क्योंकि यह सीधे तौर पर सेहत व पर्यावरण से जुड़ा मसला है।

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First Published on October 22, 2016 2:10 am

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