December 08, 2016

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बर्ड फ्लू से प्रवासी पंछियों की मौत के बाद दिल्ली चिड़ियाघर अगले आदेश तक बंद

दिल्ली चिड़ियाघर में बर्ड फ्लू से पंछियों की मौत के कारण इसे आम लोगों के लिए बंद कर दिया गया है।

Author नई दिल्ली | October 20, 2016 00:23 am

दिल्ली चिड़ियाघर में बर्ड फ्लू से पंछियों की मौत के कारण इसे आम लोगों के लिए बंद कर दिया गया है। दिल्ली सरकार के अनुसार अभी तक 10 पक्षियों की मौत हुई है जिनमें से से आठ में एच5 एवियन इन्फ्लुएंजा वायरस की पुष्टि हुई है। शेष सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। हालांकि जिन पक्षियों में इसकी पुष्टि हुई है वो प्रवासी पक्षी हैं। दिल्ली सरकार की तरफ से मुर्गों की बिक्री पर प्रतिबंध का कोई आदेश नहीं है। दिल्ली सरकार ने हेल्पलाइन (011-23890318) शुरू की है। दिल्ली सरकार ने लोगों से अपील की है कि कहीं भी पक्षियों की मौत की घटना सामने आती है तो उसे सूचित करे। दिल्ली में पहली बार बर्ड फ्लू के मामले उजागर हुए हैं जबकि केंद्रीय कृषि मंत्रालय ने एक माह पहले ही देश को बर्ड फ्लू मुक्त घोषित किया था।

दिल्ली के चिड़ियाघर के आधिकारिक बयान के अनुसार मरने वाले पक्षी बाहर से आए हुए प्रवासी (माइर्गेटरी) हैं, जिनमें रोजी पेलिकंस, पेंटेड स्ट्रोक और बत्तख शामिल हैं। चिड़ियाघर के निदेशक अमिताभ अग्निहोत्री ने कहा, ह्यजू में बाहर से आने वाले पक्षियों में एवियन इन्फ्लुएंजा की पुष्टि हुई है। अभी निगरानी रखी जा रही है। सामान्यत: जंगली पक्षियों में ये वायरस होते हैं।ह्ण चिड़ियाघर में 10 लोगों की टीम निगरानी के लिए लगाई गई है। उन्होंने कहा कि इस वायरस से इंसानों को खतरे की संभावना नहीं है। दिल्ली चिड़ियाघर के एक अधिकारी के अनुसार इसे अगले नोटिस तक के लिए बंद किया गया है। दिल्ली के विकास मंत्री गोपाल राय ने बुधवार को चिड़ियाघर का दौरा कर स्थिति की समीक्षा की और कहा कि चिड़ियाघर को मंगलवार से तीन दिनों के लिए बंद किया गया है। इसे खोलने का फैसला डॉक्टरों और प्रशासन द्वारा स्थिति के पुनर्मूल्यांकन के बाद ही लिया जाएगा। विकास मंत्री गोपाल राय ने कहा, ह्यदो पक्षियों की मौत 14 अक्तूबर और छह पक्षियों की मौत 15 अक्तूबर को हुई, इनके सैंपल जलंधर और भोपाल के लैब से जांच होकर आ चुके हैं जिसमें एच5 इन्फ्लुएंजा वायरस की पुष्टि हुई है। इसके अलावा 17 और 19 अक्तूबर को दो और पक्षियों की मौत हुई जिनके सैंपल की जांच की जा रही है।

विकास मंत्री गोपाल राय ने सचिवालय में स्थिति की समीक्षा के लिए बैठक ली और कहा कि पूरी दिल्ली के लिए विभाग को अलर्ट किया गया है। सरकार की तरफ से छह टीमें बनाइ गई हैं जो ओखला पक्षी अभयारण्य, निजामुद्दीन (पक्षियों के खरीद फरोख्त की जगह), वजीराबाद के यमुना बायोडाइवर्सिटी पार्क, नजफगढ़ नाला और गाजीपुर मुर्गा मंडी में बचाव के काम (चूने का छिड़काव और बेगान स्प्रे) कर रहे हैं और सैंपल इकट्ठा कर रहे हैं। हालांकि, गोपाल राय ने कहा कि अभी तक इन जगहों से किसी तरह के खतरे की बात सामने नहीं आई है। मुर्गा मंडी पर नजर रखी जा रही है और कोई लक्षण मिलने के बाद ही मुर्गों की बिक्री पर प्रतिबंध लगाया जाएगा। गोपाल राय ने कहा कि बर्ड फ्लू इंसानों के लिए खतरनाक नहीं है लेकिन बड़े पैमाने पर फैलने की स्थिति में पक्षियों का मीट खाने से इंसानों में फैलने की आशंका होती है।

दिल्ली सरकार ने बर्ड फ्लू की समीक्षा के लिए गुरुवार को उच्च स्तरीय बैठक बुलाई है जिसमें राज्य सरकार के स्वास्थ्य विभाग, पर्यावरण विभाग, राजस्व विभाग, विकास विभाग और पशुपालन विभाग के साथ-साथ केंद्रीय पशुपालन विभाग की टीम भी शामिल होगी। गुरुवार की बैठक में अस्पतालों में सुविधा पर भी चर्चा होगी। दिल्ली सरकार ने हेल्पलाइन (011-23890318) शुरू की है और जनता से अपील की है कि कहीं भी पक्षियों की मौत की घटना सामने आती है तो जनता उसे सूचित करें। सरकार ने कंट्रोल रूम भी शुरू किया है। दिल्ली सरकार ने महाराष्ट्र के नवापुर पोल्ट्री फर्म में 2006 में फैले बर्ड फ्लू से निपटने के लिए जो टीम लगाई गई थी, उससे भी सलाह लेने का फैसला लिया है। महाराष्ट्र के अलावा केरल (2014) और पश्चिम बंगाल (2008) में बर्ड फ्लू फैल चुका है और हाल ही में चंडीगढ़ के सूकना लेक के पक्षियों में बर्ड फ्लू फैला था।

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First Published on October 20, 2016 12:22 am

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