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हेडली ने कहा- लखवी का बेटा कश्मीर में मारा गया

हेडली ने बताया कि वह मार्च 2009 में पुष्कर, गोवा और पुणे गया था तथा अलकायदा के इलियास कश्मीरी के कहने पर उसने इन शहरों की रेकी की थी।
Author , मुंबई | February 14, 2016 01:11 am
आकाओं ने हेडली को बताया था कि लखवी, हाफिज व अन्य आतंकियों के खिलाफ पाकिस्तान की जांच ‘दिखावटी’ है।

पाकिस्तानी अमेरिकी आतंकवादी डेविड कोलमैन हेडली ने शनिवार को बताया कि लश्कर-ए-तैयबा का आपेरशंस कमांडर आतंकी जकी-उर-रहमान लखवी का बेटा बसी कश्मीर में मुठभेड़ के दौरान भारतीय सेना के हाथों मारा गया था। हेडली ने 26/11 मुंबई हमले के विशेष न्यायालय को बताया कि उसने लश्कर के आतंकी साजिद मीर से ईमेल का आदान-प्रदान किया था। ईमेल की कूटभाषा में हाफिज सईद को ‘बूढ़े चाचा’ और ‘लखवी’ को ‘जवान चाचा’ कहा जाता था। आकाओं ने हेडली को बताया था कि लखवी, हाफिज सईद और अन्य आतंकियों के खिलाफ पाकिस्तान की संघीय जांच एजंसी की कार्रवाई ‘दिखावटी’ है।

सरकारी गवाह बन चुके हेडली ने शनिवार को यहां अदालत को वीडियो कांफ्रेंसिंग से बताया कि उसे लखवी के बेटे के मारे जाने की सूचना ईमेल से मिली थी। मुंबई हमले के दौरान भारत में आतंकी हमला कर रहे 10 आतंकियों और पाकिस्तान में बैठे आतंकियों के बीच बातचीत की दो कॉल्स की रिकार्डिंग भी हेडली को सुनवाई गई। एक कॉल में पाकिस्तान बैठा आतंकी भारत में आतंकी हमला कर रहे आतंकवादी से पंजाबी में कहता है ‘भाई, तुम्हारे पांव का क्या हाल है?’ इसके जवाब भारत में आतंकी हमला कर रहे 10 आतंकियों में से एक कहता है कि पांव से खून बहुत बह रहा है। इस कॉल में तीन-चार लोगों की लंबी बातचीत सुनाई दे रही थी। हेडली ने बताया कि पाकिस्तान से बैठे आतंकवादी का नाम अबू कहफा है। हेडली ने तीन आतंकियों की आवाज पहचानी।

हेडली ने बताया कि पहले लश्कर और बाद में अल-कायदा में शामिल होने वाले पाकिस्तानी सेना के पूर्व मेजर अब्दुल रहमान पाशा ने उसे बताया था कि लखवी, हाफिज सईद और लश्कर के अन्य सदस्यों के खिलाफ पाकिस्तानी संघीय जांच एजंसी की कार्रवाई ‘दिखावटी’ है। हेडली ने बताया कि वह मार्च 2009 में पुष्कर, गोवा और पुणे गया था तथा अलकायदा के इलियास कश्मीरी के कहने पर उसने इन शहरों की रेकी की थी। कई स्थलों का वीडियो भी बनाया था। वह 16 मार्च, 2009 को पुणे गया था और वह वहां दक्षिणी कमान के मुख्यालय भी गया था। हेडली ने कहा, ‘इससे पहले भी, मेजर इकबाल ने मुझसे इस स्थान की यात्रा करने को कहा था। उस समय, मैंने (सैन्य) स्टेशन का बाहर से आम वीडियो बनाया था। मेजर इकबाल चाहता था कि मैं सेना से किसी को भर्ती करने की कोशिश करूं जो हमें गोपनीय जानकारी दे सके। यह बीएआरसी (से जुड़ी कवायद) की तरह था।’

हेडली ने कहा, ‘मेरे और लश्कर के साजिद मीर के बीच तीन जुलाई, 2009 से 11 सितंबर, 2009 तक ईमेल का आदान-प्रदान हुआ। उसने कहा, ‘पाकिस्तान सरकार मुंबई में 26/11 हमलों के बाद दिसंबर, 2008 से लश्कर के लोगों के पीछे पड़ी थी, जांच और लोगों से पूछताछ कर रही थी। मैं इसलिए जानना चाहता था कि क्या हाफिज साहिब और जकी साहिब सुरक्षित हैं या नहीं।’ हेडली ने कहा कि मीर ने उसके ई-मेलों का उत्तर दिया था और कहा था ‘जकी साहिब सकुशल हैं…. (उस समय) जेल में होने के बावजूद उनका मनोबल ऊंचा है और वह अवसादग्रस्त नहीं हैं।’ हेडली और मीर ने ईमेलों में कूट भाषा का इस्तेमाल करते थे। हेडली ने 20 अगस्त, 2009 को मीर को मेल भेजकर पूछा था कि क्या ‘बूढ़े चाचा’ (हाफिज) भी जांच के दायरे में है और क्या उसे भी गिरफ्तार किया जाएगा। मीर ने तीन दिन बाद इसके जवाब में कहा था ‘बूढ़े चाचा सकुशल और स्वस्थ हैं और अपने काम के लिए इधर-उधर आ जा रहे हैं।’ मीर ने हेडली को भरोसा भी दिलाया ‘लखवी और सईद दोनों सुरक्षित हैं और उनके खिलाफ कुछ नहीं होगा।’

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