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अजमेर ब्लास्ट के फैसले को चुनौती देगी दरगाह खादिम कमेटी

अजमेर दरगाह की खादिम कमेटी ने अजमेर दरगाह विस्फोट मामले में जयपुर की एनआइए की विशेष अदालत के फैसले को राजस्थान हाई कोर्ट में चुनौती देगी।

अजमेर दरगाह की खादिम कमेटी ने अजमेर दरगाह विस्फोट मामले में जयपुर की एनआइए की विशेष अदालत के फैसले को राजस्थान हाई कोर्ट में चुनौती देगी। अंजुमन सैयद जडगन के सचिव वाहिद अंगर शाह चिश्ती ने बताया कि खादिमों की कमेटी ने तय किया है कि न्याय के लिए हाई कोर्ट जाएंगे। मामले में अधिकतर गवाह मुकर गए है और जांच एजंसी ने कुछ नहीं किया। अजमेर दरगाह के खादिम सैयद सरवर चिश्ती ने कहा कि एनआइए की ओर से पेश की गई अंतिम रिपोर्ट में साध्वी प्रज्ञा के खिलाफ ठोस सबूत नहीं मिलने की बात पर अदालत ने सवाल उठाया है। अदालत ने फरार चल रहे आरोपियों संदीप डांगा, सुरेश नायर, रामचंद्र कलसांगरा को गिरफ्तार नहीं करने पर नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि हाई कोर्ट में चुनौती देने के लिए हमारे पास पर्याप्त सबूत है। अजमेर विस्फोट मामले में एक विशेष अदालत ने गत 22 मार्च को दो आरोपियों देवेंद्र गुप्ता और भावेश जोशी को आजीवन करावास की सजा सुनाई थी जबकि स्वामी असीमानंद सहित सात लोगों को बरी कर दिया था। मामले में लिप्त एक अन्य आरोपी सुनील जोशी की मध्य प्रदेश के देवास में वर्ष 2007 में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। अजमेर दरगाह में 11 अक्टूबर 2007 में रमजान के दौरान हुए विस्फोट में तीन लोगों की मौत हो गई थी। मामले में साध्वी प्रज्ञा और आरएसएस नेता इं्रदेश कुमार पर भी संदेह था, लेकिन राष्ट्रीय जांच एजंसी ने उनके खिलाफ सबूत नहीं होने की बात कहते हुए आगे जांच नहीं करने को लेकर क्लोजर रिपोर्ट अदालत में पेश की है।

बता दें इस मामले में बीच में ऐसी खबरें भी सुनने में आई थीं कि 2007 में हुए अजमेर दरगाह ब्लास्ट मामले से जुड़े एक संदिग्ध ने चौंकाने वाला दावा किया था जिसका खुलासा हाल ही में हुआ है। ब्लास्ट मामले में बीते बुधवार (22 मार्च) को देवेंद्र गुप्ता और भावेश पटेल को आजीवन कारावास की सजा मिली। सजा तय करने से पहले NIA कोर्ट ने 8 मार्च 2017 को तीन आरोपियों को दोषी करार दिया था। इनमें सुनील जोशी(2007 में मृत), भावेश और देवेंद्र गुप्ता को दोषी करार दिया गया। वहीं इस मामले से जुड़े एक संदिग्ध भरत मोहनलाल रतेश्वर के दावे का खुलासा हुआ है। रतेश्वर ने एनआईए को अपने स्टेटमेंट बताया था कि ब्लास्ट मामले के दोषी सुनील जोशी, जिसकी 2007 में मध्य प्रदेश में हत्या हो गई थी, उसकी उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्य नाथ मुलाकात हुई थी।

बयान के मुताबिक, रतेश्वर ने कहा- “हम एक आश्रम के गेस्ट हाउस में रुके थे। रात के लगभग 9 बजे थे और मैं और जोशी आदित्य नाथ से मिलने उनके घर के हाल में गए थे। वहां जाकर मैं कुछ दूरी पर खड़ा हो गया लेकिन जोशी आदित्य नाथ के करीब जाकर बैठ गया। दोनों बड़े ही गुप्त तरीके से धीमी आवाज में बातें कर रहे थे।”

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