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दलित छात्र आत्महत्या के विरोध में अशोक वाजपेयी लौटाएंगे डी. लिट की उपाधि

हिंदी के मशहूर लेखक अशोक वाजपेयी ने दलित छात्र रोहित वेमूला की आत्महत्या के विरोध में मंगलवार को हैदराबाद विश्वविद्यालय को डी लिट की अपनी मानद उपाधि वापस करने का फैसला लिया है।
Author नई दिल्ली | January 20, 2016 01:35 am
अशोक वाजपेयी ने दलित छात्र रोहित वेमूला की आत्महत्या के विरोध में मंगलवार को हैदराबाद विश्वविद्यालय को डी लिट की अपनी मानद उपाधि वापस करने का फैसला लिया है। (एक्सप्रेस आर्काइव)

प्रख्यात कवि-आलोचक और कला मर्मज्ञअशोक वाजपेयी ने हैदराबाद विश्वविद्यालय के दलित छात्र रोहित की आत्महत्या के बाद संस्थान के प्रशासन के रवैये के प्रति विरोध दर्ज कराते हुए विश्वविद्यालय की ओर से प्रदान की गई डी लिट की उपाधि को वापस करने का फैसला किया है।

वाजपेयी ने मंगलवार को कहा, दलित छात्र रोहित वेमुला दलित-विरोध और मतभेदों के प्रति दिखाई गई असहिष्णुता के चलते आत्महत्या करने को मजबूर हुआ, जो एक लेखक बनना चाहता था। मैंने विश्वविद्यालय के अधिकारियों के रवैए के विरोध में यह सम्मान वापस करने का फैसला किया है जो संभवतया राजनीतिक दबाव में काम कर रहे थे।

ललित कला अकादमी के पूर्व अध्यक्ष वाजपेयी को कुछ साल पहले हैदराबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय ने डी लिट की मानद उपाधि प्रदान की थी। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय ने मानवीय गरिमा और ज्ञान के खिलाफ कार्रवाई की है।

लेखकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के खिलाफ हिंसा की विभिन्न घटनाओं के खिलाफ नहीं बोलने को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आलोचना करते हुए वाजपेयी उन शुरुआती लेखकों में शामिल थे जिन्होंने अपना साहित्य अकादमी पुरस्कार सरकार को लौटा दिया था।

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  1. J
    Jharna
    Jan 20, 2016 at 7:10 am
    मालदा के विषय में भी कुछ बोल देते .....शर्म आणि चाहिए ऐसे आप जैसे ज्ञानियो को जिनको दर्द भी कुछ चुनी हुयी घटनाओं पर होता है....मालदा की घटना पर भी अगर कोई अवार्ड वापिस नहीं कर सकते थे तो कम से कम २ शब्द ही बोल देते......शर्म करिये आप जैसे ड्रामेबाज़ थू है आपकी सोच को....
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    Reply
    1. D
      Dalit
      Jan 20, 2016 at 8:48 pm
      तेरे बाप ने बोला था मालदा के उप्पर जो इसे बोल रहा है . अब थोड़े दिनों बाद तुम लोग दलित को मुस्लिम बोलने लगोगे चलो ी है जिस दिन ऐसा होगा उस दिन तुम्हारी माँ बहन हम ही छोड़ेंगे .
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      Reply
      1. D
        Dinesh Singh
        Jan 19, 2016 at 4:45 pm
        भक्तो शुरू हो जाओ. एक और बहाना मिल गया है अपना शब्द कोष का प्रयोग करने का. आओ और कहो की मालदा के वक्त क्यों नहीं लौटाया था.
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        Reply
        1. J
          Jharna
          Jan 20, 2016 at 7:12 am
          क्यों दिनेश जी....मालदा मैं मरने वाले इंसान नहीं थे क्या???क्या सच मैं इस जैसे ड्रमेबाज़ों को बोलना नहीं चाहिए था.या दर्द भी चुने हुए लोगों पर होता hai
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        2. N
          Naresh Kumar
          Jan 20, 2016 at 6:19 am
          अप्प्रिसिाबले बाजपेयी जी ये विश्विधालय नहीं जाती के नाम का क़त्लगाह है.
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          1. S.r. Darapuri
            Jan 19, 2016 at 3:30 pm
            एक सराहनीय प्रतिक्रिया
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            1. S
              suresh k
              Jan 19, 2016 at 4:59 pm
              भाई साहब जरा मालदा पर भी सराहनीये
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              1. S
                suresh k
                Jan 19, 2016 at 4:55 pm
                मालदा में तांडव करने वाले इसके वंसज थे , इस लिए नहीं लौटाया , इससे पूछो पाकिस्तान कब जा रहा है ?
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                Reply
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