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कैंसिल हो गया दलाई लामा का अरुणाचल प्रदेश दौरा, चीन के विरोध पर भारत ने किया था पलटवार

तिब्बती आध्यात्मिक गुरू दलाई लामा को अरूणाचल प्रदेश के तवांग दौरे का कार्यक्रम फिर से बनाना होगा क्योंकि खराब मौसम के कारण उनका हेलीकॉप्टर उड़ान नहीं भर सका और उन्हें आज गुवाहाटी से सड़क मार्ग से राज्य में बोमडिला की ओर रवाना होना पड़ा।
Author इटानगर | April 4, 2017 16:58 pm
तिब्बती बौद्ध धर्म गुरु दलाई लामा। (फाइल फोटो)

तिब्बती आध्यात्मिक गुरू दलाई लामा को अरूणाचल प्रदेश के तवांग दौरे का कार्यक्रम फिर से बनाना होगा क्योंकि खराब मौसम के कारण उनका हेलीकॉप्टर उड़ान नहीं भर सका और उन्हें आज गुवाहाटी से सड़क मार्ग से राज्य में बोमडिला की ओर रवाना होना पड़ा। दलाई लामा के निजी सचिव ने बताया कि उनके देर शाम तक पश्चिमी कामेंग जिले के बोमडिला पहुंचने की संभावना है। कल वह बोमडिला से 14 किमी दूर दिरांग जाएंगे और बृहस्पतिवार को तवांग जाएंगे। 12 अप्रैल को वह इटानगर जाएंगे। छह अप्रैल को वह दिरांग में उपदेश देंगे।
आठ से दस अप्रैल तक दलाई लामा तवांग में रहेंंगे।

पिछली बार दलाई लामा वर्ष 2009 में अरूणाचल प्रदेश आए थे। उनकी वह यात्रा उस घटना के ठीक 50 वर्षों बाद हुई थी जब वह तिब्बत के ल्हासा से भारत आए थे। दलाई लामा के अरूणाचल प्रदेश के दौरे को लेकर चीन की आपत्तियों के बीच भारत ने आज कहा कि तिब्बती आध्यात्मिक गुरू के दौरे को लेकर चीन को विवाद खड़ा नहीं करना चाहिए। बता दें कि तिब्‍बती धर्मगुरु दलाई लामा की अरुणाचल प्रदेश यात्रा को लेकर चीन की बयानबाजी पर भारत ने कड़ी प्रतिक्रिया जताई है। भारत ने साफ कहा है कि ’81 वर्षीय धर्मगुरु पहले भी इस उत्‍तर-पूर्वी राज्‍य में आते रहे हैं, इसलिए भारत के विभिन्‍न राज्‍यों में उनकी धार्मिक और आध्‍यात्मिक गतिविधियों को कोई और रंग देने की कोशिश नहीं की जानी चाहिए।’ दलाई लामा को ‘खतरनाक अलगाववादी’ मानने वाले चीन ने शुक्रवार (31 मार्च) को कहा था कि वह यात्रा के विरोध में है। चीन ने भारत से कहा था कि वह ‘कोई ऐसी कार्रवाई न करे जिससे सीमा विवाद और जटिल हो जाए।’ वहीं भारत की ओर से गृह राज्‍य मंत्री किरण रिजिजू ने साफ कहा कि दलाई लामा की अरुणाचल यात्रा धार्मिक है और इसका कोई राजनैतिक मतलब नहीं लगाया जाना चाहिए। उन्‍होंने कहा, ”अरुणाचल प्रदेश भारत का अभिन्‍न अंग है और चीन को उनकी (दलाई लामा) के दौरे और आपत्ति नहीं जतानी चाहिए, न ही भारत के आंतरिक मामलों में दखल देनी चाहिए।

चीन दावा करता है कि अरुणाचल प्रदेश दक्षिणी तिब्बत का हिस्सा है। वह अक्‍सर विदेशी नेताओं के इस क्षेत्र में दौरों की निंदा करता है ताकि भारत के दावे को कमजोर किया जा सके। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लू कांग ने कहा, ‘‘दलाई गुट का अलगाववादी गतिविधियों में शामिल रहने का निंदाजनक रिकॉर्ड है। भारत को दलाई गुट के असली व्यवहार को लेकर बहुत स्पष्ट होना चाहिए। अगर भारत दलाई लामा को इस क्षेत्र में यात्रा करने के लिए आमंत्रित करता है तो इसका द्विपक्षीय संबंधों को गंभीर क्षति पहुंचेगी।’’

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