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चक्रवाती तूफान “वरदा” ने ली 2 की जान, चेन्नई में होटलों के शीशे टूटे, पेड़ उखड़े, अगले 4 घंटे अहम

मौसम वैज्ञानिकों ने अगले 36 घंटे में उत्तरी तटीय तमिलनाडु, दक्षिणी तटीय आंध्र प्रदेश और पुड्डुचेरी में भारी बारिश की चेतावनी दी है।
वरदा तूफान की वजह से चेन्नई की सड़क पर गिरा पेड़। (फोटो-PTI)

पिछले दो दशकों में तमिलनाडु की राजधानी को सबसे ज्यादा प्रभावित करने वाले चक्रवाती तूफान ‘वरदा’ के कारण सोमवार (12 दिसंबर) को चार लोगों की जान चली गयी, घर तबाह हो गये, टेलीफोन लाइनें टूट गयीं और रेल, सड़क तथा वायु यातायात अवरुद्ध हो गया। चेन्नई, तिरुवल्लुर और कांचीपुरम में भारी बारिश और तेज हवाओं का जोर रहा। सौ किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बह रहीं हवाओं से बड़ी संख्या में पेड़ गिर गये, होर्डिंग उड़ गये और कारें भी पलट गयीं। निचले इलाकों में रहने वाले हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया।
आंध्र प्रदेश में काकिनाडा में दो मछुआरे समुद्र तट के पास से लापता हो गये। तटरक्षक ने उनकी तलाश और बचाव के लिए जहाज को तैनात किया है। आंध्र प्रदेश से अभी तक संपत्ति के बड़े नुकसान की कोई खबर नहीं है लेकिन चित्तूर और एसपीएस नेल्लोर जिले में भारी बारिश ने सामान्य जनजीवन पर बुरा असर डाला है।

चेन्नई में सार्वजनिक परिवहन ठप हो गया। बसें और उपनगरीय ट्रेनें रुकी रहीं और हवाईअड्डे को भी बंद कर दिया गया। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक रेल, सड़क और हवाई यातायात मंगलवार (13 दिसंबर) तक बहाल होने की संभावना है। चेन्नई, तिरुवल्लुर और कांचीपुरम जिलों में आज ज्यादातर व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद रहे। मौसम विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘1994 के बाद यह चेन्नई तट की ओर कूच करने वाला पहला बहुत जोरदार चक्रवाती तूफान है। तूफान आशंका के मुताबिक आज (सोमवार, 12 दिसंबर) शाम तक पूरी तरह तटीय क्षेत्र में पहुंच चुका है।’ निगम कर्मचारियों ने बैटरी से संचालित लकड़ी काटने वाले यंत्रों का इस्तेमाल कर सड़कों पर पड़े पेड़ों को हटाने का प्रयास किया। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और एसडीआरएफ के जवानों को बचाव अभियान के लिए तैनात किया गया है वहीं सेना को तैयार रहने को कहा गया है।

गृह मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने दिल्ली में कहा कि तमिलनाडु में चक्रवाती तूफान में चार लोग मारे गये, वहीं एनडीआरएफ के छह और एसडीआरएफ के चार दल बचाव के प्रयासों में लगे हैं। अधिकारियों ने बताया कि उत्तर चेन्नई, तिरुवल्लुर जिले के पझावेरकाडु और कांचीपुरम जिले के ममल्लापुरम गांवों से करीब आठ हजार लोगों को 95 राहत शिविरों में सुरक्षित पहुंचाया गया है। आंध्र प्रदेश में बंगाल की खाड़ी के आसपास रहने वाले लोगों को भारी बारिश के बीच राहत शिविरों में पहुंचाया गया है। मौसम विभाग ने कहा था कि शाम ढाई बजे से साढ़े चार बजे के बीच ‘वरदा’ के चेन्नई में दस्तक देने के बाद हवा और बारिश की तीव्रता में कमी आएगी। बहरहाल केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने तमिलनाडु और आंध्रप्रदेश की सरकारों को ‘वरदा’ चक्रवात को देखते हुए हरसंभव सहयोग करने का आश्वासन दिया।

एक सरकारी बयान में बताया गया, ‘सिंह ने मुख्यमंत्री ओ पनीरसेल्वम को फोन किया और चक्रवात वरदा के बाद स्थिति के बारे में जानकारी ली।’ बयान में बताया गया है, ‘केंद्रीय गृह मंत्री ने मुख्यमंत्री को आश्वासन दिया है कि इस बारे में राज्य सरकार को आवश्यक सभी सहयोग दिया जाएगा।’ पनीरसेल्वम ने सिंह को बताया कि चक्रवात से उपजी स्थिति से निपटने के लिए राज्य की प्रशासनिक मशीनरी को तैयार रखा गया है और प्रभावित जिलों में राहत और बचाव अभियान की निगरानी के लिए वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों को तैनात किया गया है। उन्होंने गृह मंत्री को सूचित किया कि एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों को तैनात किया गया है और तटरक्षक बल के अलावा सशस्त्र बलों को भी अलर्ट पर रखा गया है।

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने भी हालात के बारे में राजनाथ सिंह को बताया। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री ओ. पनीरसेल्वम ने चेन्नई, तिरूवल्लुर और कांचीपुरम जिले के लोगों से अपील की कि आधिकारिक घोषणा होने तक वे घरों से बाहर नहीं निकलें। ‘वरदा’ के कारण ये इलाके सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं। अधिकारियों को यहां उखड़ चुके वृक्षों को हटाते हुए और बिजली व्यवस्था बहाल करते हुए देखा गया। वे यातायात को सामान्य बनाने का प्रयास करते हुए भी देखे गए। एक आधिकारिक विज्ञप्ति में बताया गया कि अदयार और तिरूवनमियूर इलाके के मछुआरों को स्थानीय स्कूलों में रखा गया है और उन्हें भोजन और कम्बल बांटे जा रहे हैं। राज्य के मंत्री राहत केंद्रों का दौरा कर रहे हैं और लोगों को भोजन वितरण की निगरानी कर रहे हैं।

बहरहाल चक्रवात प्रभावित चेन्नई, कांचीपुरम और तिरूवल्लुर जिलों में दूध आपूर्ति सोमवार (12 दिसंबर) को बाधित नहीं हुई और मंगलवार को भी इसके सामान्य रहने की उम्मीद है। यह जानकारी तमिलनाडु को-ऑपरेटिव मिल्क प्रोड्यूसर्स फेडरेशन लिमिटेड ने दी। दक्षिण रेलवे ने बताया कि महानगर की सभी रेल सेवाओं को स्थगित कर दिया गया है। बेंगलुरु, हैदराबाद, मदुरै, कोयम्बटूर सहित विभिन्न स्थानों के लिए रेलगाड़ी की सेवाएं रद्द कर दी गई हैं। आईएमडी के महानिदेशक के. जी. रमेश ने कहा, ‘92 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल रही हैं। चेन्नई में सुबह से ही भारी बारिश हो रही है ओर पश्चिम चेन्नई और दक्षिण चेन्नई में भारी बारिश के आसार हैं। यह कई घंटों तक जारी रह सकता है।’

रमेश ने कहा, ‘…चेन्नई के उत्तरी हिस्से से आंध्रप्रदेश के नेल्लोर तक तेज हवाएं चल रही हैं…।’ उन्होंने कहा, ‘चक्रवात के पूरी तरह पहुंचने के बाद रात या मध्य रात के दौरान तटीय इलाकों में हवाएं धीरे…धीरे कम होंगी और चेन्नई के अंदरूनी इलाकों में बारिश जारी रहेगी और चेन्नई में मध्य रात्रि तक बारिश की तीव्रता कम होगी।’ यह पूछने पर कि ओड़िशा में 2013 में आए फैलिन चक्रवात की तुलना में यह चक्रवात कितना प्रचंड है, रमेश ने कहा कि ‘वरदा प्रचंड चक्रवाती तूफान’ है जबकि फैलिन ‘अति प्रचंड चक्रवाती तूफान’ था। रमेश ने कहा, ‘तूफान को चक्रवाती तूफान में तब्दील होने में छह घंटे लगेंगे।’

वीडियो देखिए- चक्रवात वरदा: आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु में लगातार हो रही बारिश; किसी भी वक्त हो सकता है भू-स्खलन

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