December 10, 2016

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भीड़ छटी, रेलवे ने ली राहत की सांस

लोक महापर्व छठ की भीड़ अब दिल्ली के स्टेशनों से छटने लगी है। शुक्रवार को पूरबियों का आखिरी भीड़वाला जत्था अपने घरों को रवाना हुआ।

Author नई दिल्ली | November 5, 2016 01:18 am

लोक महापर्व छठ की भीड़ अब दिल्ली के स्टेशनों से छटने लगी है। शुक्रवार को पूरबियों का आखिरी भीड़वाला जत्था अपने घरों को रवाना हुआ। हालांकि अभी भी शनिवार तक लोग छिटपुट घरों को निकलेंगे, लेकिन त्योहार के लिए जिन्हें निकलना था वे शुक्रवार को ही निकल गए। रेलवे अधिकारियों का कहना था कि नई दिल्ली स्टेशन और आनंद विहार पर एक से चार तारीख के बीच शुक्रवार को ही सबसे सामान्य भीड़ रही। क्योंकि इस बार आखिरी समय में लोग कम घर को निकले। रेलगाड़ियों की उपलब्धता और आगे बढ़ने वाली भीड़ की संभावनाओं को देखते हुए उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड के छठ प्रेमी शुरू से ही लगातार अपने घरों को निकलते रहे। दिल्ली स्टेशनों से इस बार त्योहारी मौसम में किसी को बहुत परेशानी नहीं हुई। लोग बड़े आराम से स्टेशन पर आते गए और अपने घरों को निकलते गए। एक अधिकारी का अनऔपचारिक तौर पर कहना था कि इस बार एक खुशी की बात यह है कि त्योहारी मौसम के दौरान अभी तक नई दिल्ली स्टेशन पर किसी तरह का हादसा नहीं हुआ।

 

पिछले साल दो लोग ट्रेन पर चढ़ते हुए दुर्घटना के शिकार हुए थे। वहीं गे्रटर नोएडा स्थित जीएनआइओटी के अंकित, सचिन और अश्विनी नई दिल्ली स्टेशन से बिहार अपने घर जा रहे थे। हाजीपुर के अंकित का कहना था कि इस बार रेलवे ने बड़ी अच्छी व्यवस्था की है। पहले ही कुछ स्पेशल टेÑनें शुरू कर दीं जिससे लोगों को बहुत आराम मिला। लेकिन उनका कहना था कि अभी भी टिकटों की कालाबाजारी नहीं रुकी है। उन्होंने बताया कि आज की संपूर्ण क्रांति का कनफर्म टिकट उन्हें सुबह ही मिला। उसी टिकट पर हम तीनों जा रहे हैं। वहीं स्पेशल ट्रेनों को लेकर मुजफरपुर के अश्विनी का साफ कहना था कि रेलवे कई स्पेशल ट्रेनें चला रही है। लेकिन इन ट्रेनों में सुविधा के नाम पर कुछ नहीं होने से भी लोगों को परेशानी हो रही है। इन ट्रेनों में पेंट्री कार नहीं होता और स्पेशल ट्रेने समय से भी नहीं पहुंचाती। जबकि दूर के सफर में लोग खाने-पीने के लिए परेशान होते हैं और ट्रेन पर देरी से चले तो पेंट्रीकार की जरूरत खलती है। रेलवे को स्पेशल की जगह नियमित गाड़ियों में ही दो-तीन डिब्बे जोड़ने पर विचार करना चाहिए। क्योंकि हमारे रेलवे के पास ट्रैक कम है और खासकर पूरब की ओर ट्रैक पर क्षमता से अधिक ट्रेनें चलती हैं। इस पर और स्पेशल चलाने का क्या मतलब है। दरभंगा के सचिन का कहना था कि छठ पर कॉलेज में छुट्टियां नहीं होती हंै। कल खरना है और छठ त्योहार के अर्घ्य का दोनों दिन अभी बचा है, जिससे आज घर निकलकर कल तक आराम से पहुंच जाएंगे।


नई दिल्ली स्टेशन के अधिकारियों से गाड़ियों के बारे में पूछा गया तो उन्होंने बताया कि शुक्रवार को वैशाली, मगध, स्वतंत्रता सेनानी, महाबोधी, गोरखधाम व सहरसा गरीबरथ हैं। शुक्रवार को नई दो स्पेशल गाड़ियों का भी एलान हुआ है, जिससे शुक्रवार को कुल नौ स्पेशल गाड़ियां अपने तय समय से नई दिल्ली और आनंद विहार से पूरब की ओर रवाना हुर्इं। अधिकारियों ने बताया कि नई दो स्पेशल गाड़ियों को पटना और दरभंगा के लिए चलाया गया है। वहीं लोगों का तांता देख रेलवे प्रशासन ने गुरुवार को दोपहर बाद साढ़े तीन बजे पटना के लिए एक स्पेशल गाड़ी चलाने का फैसला किया था।

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First Published on November 5, 2016 1:16 am

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