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जम्मू-कश्मीर में बढ़ी शराब की खपत, 2015-16 में पी डालीं कुल 5.75 करोड़ बोतलें

राज्य का जम्मू शहर, जो कि उत्तरी और दक्षिणी दो भागों में बंटा हुआ है। 45 फीसद के साथ सर्वाधिक शराब सेवन वाला शहर है, जहां शराब की विभिन्न 2.60 करोड़ से अधिक बोतलें सेवन की जाती हैं।
Author श्रीनगर | June 2, 2016 00:19 am
शराब।

पिछले वित्त वर्ष के दौरान 2014-15 की तुलना में जम्मू-कश्मीर में शराब की खपत में 5.4 फीसद की बढ़ोतरी हुई है, जबकि राज्य के राजस्व में 20 फीसद का इजाफा हुआ है। 2014-15 में भारत में निर्मित विदेशी शराब, व्हिस्की और बीयर की 5.46 करोड़ बोतलों की तुलना में इस वित्तीय वर्ष 2015-16 में कुल 5.75 करोड़ बोतलों का सेवन किया गया। ये आंकड़े भाजपा विधायक सतपाल शर्मा ने विधानसभा में पूछे गए एक सवाल के जवाब में राज्य के वित्त मंत्री हसीन द्राबू द्वारा प्रस्तुत किए गए। राज्य सरकार ने वित्तीय वर्ष 2014-15 में शराब की बिक्री पर उत्पाद शुल्क के कारण अर्जित आय 61.78 करोड़ रुपए की तुलना में 20.6 फीसद का इजाफा करते हुए वित्तीय वर्ष 2015-16 के दौरान 77.79 करोड़ रुपए का राजस्व अर्जित किया।

राज्य का जम्मू शहर, जो कि उत्तरी और दक्षिणी दो भागों में बंटा हुआ है। 45 फीसद के साथ सर्वाधिक शराब सेवन वाला शहर है, जहां शराब की विभिन्न 2.60 करोड़ से अधिक बोतलें सेवन की जाती हैं। संयोग से, जम्मू शहर में एक साल पहले राज्य में शराब सेवन का मात्र एक फीसद था। हालांकि, कश्मीर घाटी में शराब सेवन की प्रवृत्ति ज्यादा तेज गति से बढ़ी है, जहां वित्त वर्ष 2014-15 में 22.80 लाख बोतलों की तुलना में वित्त वर्ष 2015-16 में 29 लाख बोतलों के साथ ये आंकड़े 25 फीसद को पार कर गए।

शराब की बिक्री से उत्पन्न राज्य का राजस्व भी वर्ष 2014-15 में 3.38 करोड़ से बढ़ कर 5.27 करोड़ तक पहुंच गया। राज्य का लेह क्षेत्र, जहां 1.5 लाख से ज्यादा की आबादी है। लेकिन शराब की खपत सबसे अधिक है। इस ठंडे रेगिस्तानी इलाके में 28 लाख बोतलों का सेवन किया गया, जो कि वर्ष 2014-15 के आंकड़ों के समान ही है।

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