December 05, 2016

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बैंक लॉकरों की निगहबानी का भी मशविरा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कालेधन के खिलाफ अभियान के बीच हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा है कि बैंकों के लॉकरों के अंदर क्या रखा जाता है उसका रेकार्ड रखने का भी प्रयास होना चाहिए।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कालेधन के खिलाफ अभियान के बीच हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा है कि बैंकों के लॉकरों के अंदर क्या रखा जाता है उसका रेकार्ड रखने का भी प्रयास होना चाहिए। बैंक लॉकर में कौन क्या रख रहा है अभी उसका कोई हिसाब-किताब नहीं रखा जाता। ज्यादातर लोग लॉकरों का इस्तेमाल अपने गहने व दूसरे जरूरी सामान रखने के लिए करते हैं लेकिन यह सच है कि कई लोग अपनी नकदी भी बैंकों में महफूज कर लेते हैं। जनसत्ता के साथ विशेष बातचीत में खट्टर ने मोदी के कालेधन के खिलाफ छेड़े अभियान को ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का यह साहसिक कदम इतिहास के पन्नों पर सुनहरे अक्षरों में दर्ज होगा और इससे देश को दीमक की तरह खा रहे कालेधन का अंत होगा। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि आम आदमी इससे पूरी तरह खुश है। खट्टर ने कहा ‘थोड़ी असुविधा हो सकती है लेकिन एक महान यज्ञ में अपनी आहुति डालने के लिए सभी लोग सहज समर्पित हैं’।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अभी बैंकों के लॉकर में कोई क्या रखता है, इस पर कोई नजर नहीं और इसके कारण कई बार बड़ी समस्याओं से दो-चार होना पड़ता है। उन्होंने कहा कि गोहाना में हुई बैंक डकैती के बाद ही उन्होंने मांग की थी कि लोगों के लॉकरों में रखे जाने वाले सामान का भी हिसाब-किताब होना चाहिए। गोहाना बैंक डकैती के बाद पुलिस ने डकैतों को तो धर दबोचा था। उस वक्त तक लॉकर से लूटे गए सामान का बंटवारा नहीं कर पाए थे डकैत। पर पुलिस ने पाया कि लोगों द्वारा लिखवाई गई अपनी चोरी की चीजों और डकैतों से बरामद सामान की मात्रा में जमीन-आसमान का अंतर था।

ध्यान रहे, 31 अक्तूबर 2014 को सोनीपत के गोहाना कस्बे में डकैतों ने 84 फुट लंबी सुरंग खोद कर बैंक लूट को अंजाम दिया था। इस लूट में 76 लॉकरों को तोड़कर डकैत अंदर रखे गहने ले उड़े थे। पुलिस बल के तब होश उड़ गए जब डकैतों से बरामद सामान और लोगों के दावों में फर्क निकला। इस मामले के लिए जहां प्रधानमंत्री कार्यालय तक हरकत में आ गया था, वहीं राज्य सरकार ने उसकी जांच के लिए विशेष दल गठित किया था। पुलिस ने 2015 में जब डकैतों को पकड़ा तो उनसे 14 किलो सोने और 36 किलो चांदी के गहने मिले, जबकि इस घटना में लुट गए सामान की फेहरिस्त के मुताबिक, लुटेरे 48 किलो सोना और 100 किलो चांदी ले उड़े थे। यह फेहरिस्त बैंक लॉकर के ग्राहकों के बयान पर बनाई गई थी। यह रहस्य आज तक बना हुआ है कि लुटेरों ने सामान छुपा दिया या पीड़ितों ने अपने दावे बढ़ा-चढ़ा कर पेश किए। खट्टर ने कहा कि उन्होंने तब भी वित्त मंत्री अरुण जेटली को पत्र लिखा था कि वे ऐसी कुछ व्यवस्था करें कि लोगों के लॉकरों में रखे सामान का भी कुछ हिसाब-किताब हो। आज जब देश में कालेधन के खिलाफ एक जोरदार अभियान सरकार ने छेड़ा है, खट्टर के इस सुझाव की सार्थकता सहज ही जाहिर है।

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First Published on November 26, 2016 12:51 am

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