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कांग्रेस ने राज्‍यसभा में उठाया मुरथल में महिलाओं के साथ बलात्‍कार की खबरों का मामला, न्‍यायिक जांच की मांग की

कांग्रेस की कुमारी शैलजा ने कहा कि इस मामले में गवाह सामने नहीं आ रहे हैं और खुद राज्य सरकार इसे गंभीरता से नहीं ले रही है।
Author नई दिल्ली | March 1, 2016 14:49 pm
हरियाणा में मुरथल के पास जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान हुए कथित सामूहिक बलात्कार मामले की उच्च न्यायालय की देख रेख में न्यायिक जांच कराने की मांग आज राज्यसभा में की गई।

हरियाणा में मुरथल के पास जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान हुए कथित सामूहिक बलात्कार मामले की उच्च न्यायालय की देख रेख में न्यायिक जांच कराने की मांग आज राज्यसभा में की गई। शून्यकाल में कांग्रेस की कुमारी शैलजा ने यह मुद्दा उठाते हुए कहा कि इस कथित घटना को लेकर मीडिया की खबरों पर स्वत: संज्ञान लेते हुए उच्च न्यायालय ने हरियाणा सरकार को नोटिस दिया है लेकिन राज्य सरकार ने तो इस घटना से ही इंकार कर दिया। ‘‘ऐसे में राज्य सरकार से निष्पक्ष जांच की उम्मीद कैसे की जा सकती है।’’

शैलजा ने कहा कि इस मामले में गवाह सामने नहीं आ रहे हैं और खुद राज्य सरकार इसे गंभीरता से नहीं ले रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में कानून व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं है और जंगल राज है।  उन्होंने कहा कि जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान हरियाणा में करोड़ों रूपये की संपत्ति का नुकसान हुआ लेकिन राज्य सरकार और पुलिस ने इसे रोकने के लिए अपेक्षित कार्रवाई नहीं की। उन्होंने कहा कि मुरथल मामले में भी पुलिस अपना दायित्व निर्वाह करने में नाकाम रही है।

शैलजा ने कहा कि इस मामले में राज्य सरकार की जांच पर उन्हें भरोसा नहीं है और सच सामने लाने के लिए इस मामले की उच्च न्यायालय से न्यायिक जांच कराई जानी चाहिए। हरियाणा सरकार ने इस मामले की जांच के लिए महिला पुलिस अधिकारियों का तीन सदस्यीय एक दल गठित किया है।  कांग्रेस के प्रमोद तिवारी ने भी इस मामले की निष्पक्ष जांच कराए जाने की मांग की। विभिन्न दलों के सदस्यों ने इस मुद्दे से स्वयं को संबद्ध किया।

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