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भाजपा और कांग्रेस ने केजरीवाल से मांगा इस्तीफा, ये रही मुख्य वजह

कांग्रेस ने दिल्ली सरकार के गैरकानूनी फैसलों और गंभीर वित्तीय अनियमितताओं का खुलासा करने वाली शुंगलू समिति की रिपोर्ट के मद्देनजर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से इस्तीफा देने की मांग की है।
Author नई दिल्ली | April 7, 2017 01:30 am
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल।

कांग्रेस ने दिल्ली सरकार के गैरकानूनी फैसलों और गंभीर वित्तीय अनियमितताओं का खुलासा करने वाली शुंगलू समिति की रिपोर्ट के मद्देनजर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से इस्तीफा देने की मांग की है। दिल्ली प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय माकन ने आरटीआइ के जवाब में हासिल की गई शुंगलू समिति की रिपोर्ट गुरुवार को सार्वजनिक करते हुए केजरीवाल के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत मामला दर्ज कर सीबीआइ से जांच की मांग की है।  माकन ने कहा कि पूर्व नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक वीके शुंगलू के अगुआइ में बनी तीन सदस्यों की कमेटी की 269 पेज की रिपोर्ट में केजरीवाल सरकार की ओर से गैरकानूनी तरीके से भूखंड आबंटन करने, सरकार में अपने चहेतों को लाखों रुपए के वेतन पर तैनात करने और सरकारी खर्च पर अनधिकृत विदेश यात्राएं करने के मामलों का खुलासा किया है। कमेटी में शुंगलू के अलावा पूर्व मुख्य निर्वाचन अधिकारी एन गोपाला स्वामी और पूर्व मुख्य सतर्कता अधिकारी प्रदीप कुमार शामिल थे। कमेटी ने आप के डेढ़ साल के कामकाज से जुड़ी 404 फाइलों की जांच की। इनमें दिल्ली के सबसे पॉश इलाके राऊज एवेन्यू में मंत्री के बंगले को बतौर आम आदमी पार्टी के कार्यालय आबंटित करने, गैरकानूनी तौर पर सरकार में 81 नए पद सृजित कर सैंकड़ो आप कार्यकर्ताओं को नियुक्त करने और महज 18 महीने में मंत्रियों की 24 अनधिकृत विदेश यात्राओं सहित अन्य गंभीर मामलों का खुलासा हुआ है।

पहुंचाए गए रिश्तेदारों और करीबियों को लाभ
रिपोर्ट में केजरीवाल के रिश्तेदार निकुंज अग्रवाल को स्वास्थ्य मंत्री का ओएसडी बनाना और बिना अनुमति उनके दौरों पर भारी रकम खर्च कराना, स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन की बेटी सौम्या जैन और मंत्री गोपाल राय के रिश्तेदार अभिनव राय को सरकार में भारी वेतन पर नियुक्त करने, दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाती मालीवाल और आप विधायक अखिलेशपति त्रिपाठी को अनधिकृत तौर पर सरकारी आवास आबंटित करने के अलावा मुख्यमंत्री कार्यालय में आप कार्यकर्ता गोपाल मोहन को एक रुपए के वेतन पर तैनात करने के चार महीने बाद सवा लाख रुपए का वेतन पिछले बकाया के साथ देने का मामला सामने आया है। इतना ही नहीं केजरीवाल सरकार की ओर से कक्षा 12 पास कुछ कार्यकर्ताओं को भी अहम सरकारी पदों पर नियुक्त करने का रिपोर्ट में खुलासा हुआ है। इसमें पर्यटन सलाहकार के तौर पर आप कार्यकर्ता रौशन शंकर का मामला भी है जबकि शंकर के पास पर्यटन के क्षेत्र में काम करने का कोई अनुभव नहीं है।

डीडीसी बन गया था आप की नौकरी का गढ़ : माकन
माकन ने रिपोर्ट के हवाले से केजरीवाल सरकार की ओर से गठित दिल्ली संवाद आयोग (डीडीसी) में अपने चहेतों को नौकरी देने के खुलासे की तुलना दिल्ली जिला क्रिकेट संघ (डीडीसीए) से की। उन्होंने कहा कि जिस तरह केजरीवाल ने वित्त मंत्री अरुण जेटली पर डीडीसीए में अपने चहेतों को नौकरी देने का आरोप लगाया था उसी तरह शुंगलू समिति ने डीडीसी को आप कार्यकर्ताओं को नौकरी देने का गढ़ बताया है। पिछले साल चार अगस्त को दिल्ली हाई कोर्ट की ओर से उपराज्यपाल को दिल्ली का प्रशासनिक प्रमुख बताने के फैसले के बाद तत्कालीन उपराज्यपाल नजीब जंग ने केजरीवाल सरकार के डेढ़ साल के कार्यकाल में किए गए फैसलों की वैधानिकता की जांच के लिए तीन सदस्यीय शुंगलू समिति गठित की थी। गत वर्ष दिसंबर में शुंगलू समिति की ओर से जंग को सौंपी गई रिपोर्ट को सार्वजनिक करने की मांग माकन लगातार कर रहे हैं। मांग पूरी नहीं होने पर माकन ने 22 फरवरी को आरटीआइ के जरिए रिपोर्ट हासिल करने का आवेदन किया। उन्हें रिपोर्ट देने का 30 मार्च पत्र पांच अप्रैल को मिला। जिसे उन्होंने गुुरुवार को जारी करने की जानकारी ट्वीट पर दी थी।

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