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रुड़की में सांप्रदायिक दंगा, 12 जवानों समेत 32 घायल, धारा 144 लागू

भीड़ ने इतना जबरदस्त पथराव किया कि हरिद्वार के जिलाधिकारी, एसएसपी तथा अन्य पुलिस वालों को चौकी के भीतर भागकर अपनी जान बचानी पड़ी।
हरिद्वार जनपद की रुड़की तहसील के लंढौरा कस्बे में बुधवार को सांप्रदायिक दंगा हो गया।

हरिद्वार जनपद की रुड़की तहसील के लंढौरा कस्बे में बुधवार को सांप्रदायिक दंगा हो गया। भीड़ ने कांग्रेस के पूर्व बागी विधायक व भाजपा नेता कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन के लंढौरा महल में वाहन जला दिए। भीड़ ने पुलिस चौकी पर पथराव किया और पुलिस व अन्य लोगों के कई वाहन फूंके। पुलिस ने भीड़ पर लाठीचार्ज किया, आंसू गैस के गोले छोड़े और 20 राउंड से ज्यादा हवाई फायरिंग की। हिंसा के कारण 12 पुलिसकर्मियों सहित 32 से ज्यादा लोग घायल हो गए हैं। पुलिस ने दो दर्जन से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया है। लंढौरा में धारा 144 लगा दी गई है। जिले में रेड अलर्ट कर दिया गया है। मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि किसी को सांप्रदायिक माहौल बिगाड़ने की इजाजत नहीं दी जाएगी।

हरिद्वार के जिलाधिकारी सरदार हरवंश सिंह चुघ ने बताया कि पूर्व विधायक व लंढौरा रियासत के राजकुमार कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन के रिश्तेदार दर्शन सिंह का अपने किराएदार महबूब से दुकान खाली कराने को लेकर बुधवार सुबह करीब 11 बजे विवाद हो गया। कहासुनी के बीच चैंपियन के समर्थकों ने जबरन दुकान खाली करनी शुरू कर दी। इन समर्थकों ने किराएदार का सामान फेंकना शुरू कर दिया। किराएदार ने आरोप लगाया कि नेता के समर्थकों ने उसकी धार्मिक भावनाओं का अपमान किया है। लिहाजा दुकान के बाहर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई।

लोगों ने कांग्रेस के पूर्व बागी विधायक चैंपियन के रिश्तेदार को गिरफ्तार करने की मांग की। दूसरी ओर चैंपियन के रिश्तेदारों व समर्थकों ने दुकान खाली कराने की जिला प्रशासन से मांग की। देखते ही देखते दोनों खेमों में कहासुनी हिंसक वारदात में बदल गई। भीड़ ने चैंपियन के घर लंढौरा रियासत के रंगमहल के ऊपर जबरदस्त हमला बोल दिया और परिसर में खड़ी कारों व अन्य वाहनों में आग लगा दी। हिंसक भीड़ के रंगमहल में घुसने की कोशिश करने पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया। यह सिलसिला दोपहर दो बजे तक चलता रहा।

इसके बाद डेढ़-दो हजार लोगों ने तकरीबन सवा तीन बजे लंढौरा पुलिस चौकी का घेराव किया और चैंपियन के रिश्तेदारों व उसके समर्थकों को गिरफ्तार करने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि नेता के समर्थकों ने धार्मिक भावनाओं को आहत किया और दुकानदार से मारपीट की। इस मौके पर जिला पंचायत का एक ताकतवर कांग्रेस नेता पहुंचा। आरोप है कि इस नेता के कहने पर भीड़ भड़क गई। भीड़ ने लंढौरा पुलिस चौकी पर र्इंट, पत्थरों, कांच की बोतलों से हमला बोल दिया और पुलिस चौकी के बाहर खड़े पुलिस के वाहनों में भी आग लगा दी।

भीड़ ने पत्रकारों और आम लोगों के वाहनों में भी आग लगा दी। भीड़ ने इतना जबरदस्त पथराव किया कि हरिद्वार के जिलाधिकारी, एसएसपी तथा अन्य पुलिस वालों को चौकी के भीतर भागकर अपनी जान बचानी पड़ी। पथराव के कारण एक दर्जन से ज्यादा पुलिस वाले घायल हो गए जिनमें चार पुलिस वालों के सिर में पत्थर लगने से गंभीर चोटें आई हैं। पुलिस लाठीचार्ज में दो दर्जन लोग घायल हो गए हैं। पुलिस ने हिंसक भीड़ पर तकरीबन 20 राउंड से ज्यादा हवाई फायरिंग की।

जिलाधिकारी हरवंश सिंह चुघ ने बताया कि भीड़ को पहले समझा-बूझाकर मामला शांत करने की कोशिश की गई, परंतु जब भीड़ हिंसक हो गई तो पुलिस ने लाठीचार्ज किया, आंसू गैस के गोले छोड़े और हवाई फांयरिंग की। हरिद्वार के एसएसपी राजीव स्वरूप ने बताया कि कई दंगाइयों को गिरफ्तार किया गया है। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। लंढौरा कस्बे में धारा 144 लगा दी गई है। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए फ्लैगमार्च भी किया।

पूरा लंढौरा कस्बा पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत ने इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा कि दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सांप्रदायिक माहौल किसी भी व्यक्ति को बिगाड़ने की इजाजत नहीं दी जाएगी। इस हिंसक घटना के बाद गढ़वाल मंडल के आइजी संजय गुंज्याल ने घटनास्थल का मुआयना किया। लंढौरा गांव में पीएससी तैनात कर दी गई है। दंगाइयों को पकड़ने के लिए पुलिस उनके ठिकानों पर दबिश दे रही है।

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